यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कई मायनों में खास हैं दिल्ली विधानसभा चुनाव, 5 फरवरी को मतदान और 8 को नतीजे; यहां पढ़ें दिलचस्प आंकड़े
अगले महीने यानी फरवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव होंगे। मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग ने तारीखों का एलान कर दिया ...और पढ़ें

HighLights
- दिल्ली में 1.55 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान।
- 10 जनवरी से 17 तक चलेगी नामांकन प्रक्रिया।
- 20 जनवरी तक नाम वापस ले सकेंगे प्रत्याशी।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने आखिरकार दिल्ली विधानसभा का चुनावी बिगुल फूंक दिया है। इसके तहत पांच फरवरी को मतदान और आठ फरवरी को मतगणना होगी। उसी दिन नतीजे भी घोषित हो जाएंगे। वहीं नामांकन की प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू होकर 17 जनवरी तक चलेगी। इस बीच 20 जनवरी तक नाम वापस भी लिए जा सकेंगे।
25.89 लाख युवा करेंगे मतदान
दिल्ली का यह चुनाव इस बार कई मायनों में खास है, क्योंकि यह अब तक यह सबसे कम अवधि यानी 28 दिनों का चुनाव होगा। इस बार दिल्ली में 1.55 करोड़ मतदाता वोट करेंगे, जिसमें करीब 83 लाख पुरुष और 71 लाख महिला मतदाता है। चुनाव में पहली बार सबसे अधिक 25.89 लाख युवा भी वोट डालेंगे।
इन दो सीटों पर उपचुनाव भी होगा
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को अपने सहयोगी चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और डॉ. एसएस संधू की मौजूदगी में दिल्ली विधानसभा के साथ ही उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर व तमिलनाडु की इरोड़ विधानसभा के उपचुनाव की भी घोषणा की है। आयोग ने दिल्ली चुनाव के दौरान वीकेंड, छुट्टियों, त्योहारों और परीक्षाओं का भी पूरा ध्यान रखा, ताकि लोग बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा ले सके।
अप्रैल में जम्मू-कश्मीर में उपचुनाव
मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के दौरान इन पहलुओं का भी किया और कहा महाराष्ट्र के चुनाव से सीख ली गई है। उन्होंने कहा कि अब बारी दिल्ली की है, उन्हें चुनाव में दिल से मतदान करना चाहिए। उन्होंने इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर विधासनभा की खाली हुई सीटों पर उपचुनाव को अप्रैल में कराने की जानकारी दी और कहा कि अभी वहां बर्फबारी हो रही है। वहीं पश्चिम बंगाल और गुजरात की खाली एक-एक सीट का मामला न्यायालय में लंबित होने के चलते उसे भी बाद में कराए जाने की जानकारी दी।
दिल्ली विधानसभा चुनाव पर एक नजर
- विधानसभा की कुल सीटें- 70
- सामान्य सीटें- 58
- एससी सीटें- 12
- कुल मतदाता- 1.55 करोड़
- पुरुष- 83.49 लाख
- महिला- 71.74 लाख
- युवा मतदाता- 20 से 20 वर्ष के 25.89 लाख
- पहली बार के मतदाता- 2.08 लाख
- 100 साल या उससे अधिक उम्र के मतदाता- 830
- ट्रांसजेंडर मतदाता- 1261
- 85 वर्ष से अधिक के मतदाता- 1.09 लाख।
- कुल मतदान केंद्र- 13033
- एक मतदान केंद्र पर औसत मतदाता- 1191
- मॉडल मतदान केंद्र- 210
- महिला संचालित मतदान केंद्र- 70
मतदान केंद्रों पर यह रहेगी सुविधाएं
पीने का पानी, शौचालय, रैम्प, व्हीलचेयर, हेल्प डेस्क, मतदान सुविधा केंद्र, पर्याप्त प्रकाश और छाया की व्यवस्था होगी। सभी मतदान केंद्र ग्राउंड फ्लोर पर ही रहेंगे।
दिल्ली भले ही छोटा राज्य लेकिन सियासी लिहाज अहम
दिल्ली भौगोलिक रूप से भले ही देश का छोटा और केंद्र शासित प्रदेश है, लेकिन सियासी लिहाज से यह काफी अहम राज्य है। इसका अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि इस राज्य को जीतने के लिए भाजपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी अपना पूरा जोर लगाए हुए है। अगर फिर से आप जीती तो झटका जरूर भाजपा को भी लगेगा लेकिन कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत होगी क्योंकि फिर दूसरे राज्यों मे भी आप का कांग्रेस पर दबाव बरकरार रहेगा।
वहीं भाजपा के लिए इस नैरेटिव से पार पाना मुश्किल होगा कि सीधे मुकाबले में वह आप को नहीं हरा सकती है। अगर भाजपा जीती तो जाहिर तौर पर आम आदमी पार्टी के लिए लड़ाई बहुत लंबी होने वाली है, क्योंकि दिल्ली ही आप का उद्गम स्थल है। यह हार पार्टी से ज्यादा उसके चेहरे की होगी।
महिलाओं पर टिप्पणी और चुनाव में बच्चों के इस्तेमाल पर आयोग ने चेताया
दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले महिलाओं पर की जा रही टिप्पणी पर चुनाव आयोग ने कहा कि वह महिलाओं पर किसी भी तरह की टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके साथ ही चुनाव में बच्चों के इस्तेमाल को लेकर भी आयोग ने सभी दलों को चेताया है।
आयोग ने कहा कि पिछले चुनावों में भी उन्होंने महिलाओं पर गलत टिप्पणी करने वालों को चेताया था। इस बार फिर सभी दलों को बताना चाहते है कि यदि किसी भी महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की या बच्चों का चुनाव में इस्तेमाल किया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
आयोग ने राजनीतिक दलों से कहा कि वह उन्हें कानूनी कार्यवाही करने के लिए बाध्य न करें। दरअसल आयोग ने यह टिप्पणी तब की है जब उससे पूछा गया कि भाजपा के पूर्व सांसद रमेश बिदूड़ी ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है, उसे वह कैसे देखते है।
