...तो श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर होगा सियालदह स्टेशन का नाम, ममता का चढ़ा सियासी पारा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के चलते भाजपा बंगाल के स्टेशनों का नाम बदलने की योजना बना रही है। ...और पढ़ें
कोलकाता, ब्यूरो। केंद्र में भाजपा की दूसरी पारी शुरू होने के बाद पश्चिम बंगाल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों के नाम बदलकर प्रसिद्ध हस्तियों के नाम पर करने की जुगत ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच चल रहे मनमुटाव को और ब़़ढा दिया है। बर्धमान स्टेशन का नाम बटुकेश्वर दत्त स्टेशन किए जाने के निर्णय के बाद अब सियालदह स्टेशन का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी रखे जाने के प्रस्ताव ने बंगाल के सियासी माहौल को गर्म कर दिया है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया कि बिना राज्य सरकार की रजामंदी के स्टेशनों का नाम परिवर्तित नहीं किया जा सकेगा। 20 जुलाई को महान स्वतंत्रता सेनानी बटुकेश्वर दत्त की 54वीं पुण्यतिथि पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय पटना के जक्कनपुर गांव में उनके परिवार से मिलने पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने बर्धमान रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बंगाल के महान क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त के नाम पर रखने का एलान किया था।
उन्होंने कहा था कि सभी प्रक्रियाएं पूरी कर शीघ्र ही केंद्र सरकार इसका आदेश जारी कर देगी। इस घोषणा के बाद ही बंगाल का सियासी पारा च़़ढ गया था। बिना समय गंवाए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मीडिया के सामने खुलकर केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को अंधेरे में रखकर बर्धमान स्टेशन का नाम बदला जा रहा है, जो असंवैधानिक है। यह मामला अभी ठंडा भी नहीं प़़डा था कि अब सियालदह स्टेशन का नाम बदलकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किए जाने के प्रस्ताव की भनक मंगलवार को लगते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के तेवर तल्ख नजर आए।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के चलते भाजपा बंगाल के स्टेशनों का नाम बदलने की योजना बना रही है।

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