नई दिल्‍ली/भोपाल, एजेंसियां/जेएनएन। होली के रंग-गुलाल के बीच मध्य प्रदेश में एक बार फिर सियासी संकट गहरा गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक पांच से छह विधायकों के मोबाइल फोन सोमवार सुबह से ही बंद हैं और कई से संपर्क नहीं हो पा रहा है। यही नहीं सिंधिया समर्थक 17 कांग्रेस विधायक बेंगलुरू पहुंच गए हैं। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इनमें से छह मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री भी हैं। इससे अटकलें तेज हो गई हैं कि देर रात तक बड़ा उलटफेर हो सकता है। राज्‍य में सियासी हालात तेजी बदल रहे हैं। पल पल के ताजा अपडेट के लिए जुड़े रहें दैनिक जागरण के साथ...

सभी मंत्रियों ने इस्‍तीफे दिए

- मध्‍यप्रदेश में जारी राजनीतिक संकट के बीच कांग्रेस के नेता राहुल गांधी कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया के आवास 10 जनपथ पर पहुंचे।

- मध्‍य प्रदेश सरकार में मंत्री रहे महेंद्र सिंह सिसौदिया और ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया की करीबी ने चार दिनों पहले कहा था कि कमलनाथ सरकार में संक‍ट तब होगा जब हमारे नेता ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया जी की उपेक्षा या अनादर सरकार करेगी। तब निश्चित तौर से सरकार पर काले बादल छाएगा। यह बात सोमवार को मध्‍य प्रदेश सरकार के लिए सही साबित हुई।  

- कांग्रेस के पीसी शर्मा ने कहा कि सभी मंत्री बैठक में मौजूद रहे। उन्‍होंने अपना इस्‍तीफा सीएम कमल नाथ को सौंप दिया है। हमने उनसे फिर कैबिनेट के फिर से पुर्नगठन के लिए कहा है। भाजपा द्ववारा पैदा की हुई स्थिति से मुकाबला करेंगे। सरकार बची हुई है। पूरे पांच साल चलेगी।  

- समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, कैबिनेट की बैठक में सभी मंत्रियों ने अपने इस्‍तीफे दे दिए हैं। सभी मंत्रियों के इस्‍तीफे को स्‍वीकार कर लिया गया है। 

उन ताकतों को सफल नहीं होने दूंगा 

- CM कमलनाथ ने कहा कि मैं उन ताकतों को सफल नहीं होने दूंगा जो माफिया की मदद से अस्थिरता पैदा कर रही हैं। मेरी सबसे बड़ी ताकत मध्‍य प्रदेश के लोगों का विश्वास और प्यार है। मैं उन ताकतों को सफल नहीं होने दूंगा जो मध्‍य प्रदेश के लोगों द्वारा चुनी गई सरकार में अस्थिरता पैदा कर रही हैं। 

भाजपा ने असंतोष को बताया कारण 

- भाजपा विधायक विश्वास सारंग (Vishvas Sarang) ने मध्‍य प्रदेश में जारी सियासी संकट पर कहा कि कोई ऑपरेशन लोटस नहीं चल रहा है। राज्‍य में केवल एक चीज चल रही है... वह है असंतोष। कमलनाथ और कांग्रेस को समझना चाहिए कि केवल कुछ राजनीतिक नेताओं के आसपास रहने से सरकार नहीं चलती है। सरकार में असंतोष के कारण ही मध्‍य प्रदेश का विकास रुका हुआ है। सारंग ने कहा कि अजय सिंह, बिसाहूलाल सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांतिलाल भूरिया का दर्द यह दिखाता है कि कमलनाथ मध्य प्रदेश सरकार को एक निजी लिमिटेड कंपनी में बदल चुके हैं।

कमलनाथ ने कैबिनेट की बैठक बुलाई

- समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने कैबिनेट की बैठक बुला ली है। मुख्‍य सचिव एसआर मोहंती सीएम आवास पर पहुंचे हैं। 

सिंधिया ने दिल्‍ली में डेरा डाला

- इधर कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्‍य में जारी स‍ियासी खींचतान के बीच दिल्‍ली में डेरा डाल दिया है।इससे पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ भी नई दिल्ली पहुंचे और यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी से मुलाकात कर उनसे प्रदेश में जारी राजनीतिक हालात पर चर्चा की। 

भाजपा ने बैठक बुलाई

- भाजपा ने कल यानी मंगलवार को पार्टी कार्यालय पर विधायक दल की बैठक बुला ली है। होली के मौके पर बुलाई गई इस बैठक को लेकर कांग्रेस भी पसोपेश में नजर आ रही है। 

सियासी भूकंप थामने में जुटे दिग्‍गज 

- मौजूदा सियासी संकट के बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह सीएम कमलनाथ के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे हैं।  

शेरा ने जाहिर की मंशा 

इस बीच विधायकों ने भी मोल-तोल की बातें शुरू कर दी हैं। निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा ने समाचार एजेंसी एएनआइ से कहा कि बहुत जल्द... संभवत: होली के अगले दिन मैं मंत्री बना दिया जाऊंगा। उन्‍होंने साफ शब्‍दों में कहा कि मैं गृह मंत्रालय पाना चाहूंगा। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा कि अभी इस बारे में सीएम कमलनाथ से चर्चा नहीं हुई है।

कमलनाथ ने ली आपात बैठक 

बताया जाता है कि कमलनाथ दो दिन के लिए दिल्ली के दौरे पर गए थे लेकिन कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर सोमवार शाम को साढ़े छह बजे ही भोपाल आ गए। वह सीधे मुख्यमंत्री निवास पहुंचे, जहां मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की आपात बैठक बुलाई। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा भी शामिल रहे। सूत्रों की मानें तो सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह और पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव को विशेष विमान भेजकर ग्वालियर से भोपाल बुलाया गया था। 

सिंधिया समर्थक 17 कांग्रेस विधायक बेंगलुरू पहुंचे 

रिपोर्टों के मुताबिक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक 17 कांग्रेस विधायक बेंगलुरू पहुंच गए हैं। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इनमें से छह मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री भी हैं। यह सियासी घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ही दिन बाद राज्यसभा चुनाव होने वाले हैं। पीटीआई के मुताबिक, इन्‍हीं वजहों को ध्‍यान में रखते हुए सीएम कमलनाथ ने अपना दिल्ली का दौरा रद कर दिया है। वहीं राज्‍य में जारी स‍ियासी उठापटक के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया दिल्‍ली पहुंचे हैं। इससे अटकलों का बाजार गर्म हो गया है... 

राज्‍य सभा तीसरी सीट पर बिगड़ सकता है गणित  

मध्य प्रदेश में दो विधायकों के निधन के बाद सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 228 हो गई है। आने वाले दिनों में मध्‍य प्रदेश से तीन राज्‍य सभा सीटों के लिए मतदान होना है। एक सीट पर जीत के लिए न्यूनतम 58 विधायकों की जरूरत है। 107 विधायकों की बदौलत भाजपा के हिस्से में एक सीट जानी तय है। कांग्रेस से दिग्विजय और ज्योतिरादित्य अपनी दावेदारी चाहते हैं। कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं जिससे उसकी एक सीट तो पक्की है लेकिन विधायकों के पाला बदलने से तीसरी सीट का गणित बिगड़ सकता है।

बड़े उलटफेर के संकेत 

मध्य प्रदेश की सियासत पिछले हफ्ते तीन मार्च की देर रात तब गरमा गई थी जब कांग्रेस, बसपा और सपा के कुल नौ विधायक अचानक से गायब हो गए थे। हालांकि इनमें से पांच विधायकों को अगले ही दिन भोपाल ले आया गया था। बाद में निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा, कांग्रेस विधायक बिसाहू लाल सिंह और रघुराज कंसाना भी वापस लौट गए थे। अब सिंधिया समर्थक पांच से छह विधायकों के मोबाइल फोन बंद होने से बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। 

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Posted By: Krishna Bihari Singh

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