बंगाल माकपा में सेक्स स्कैंडल का तूफान, नेताओं पर लगे गंभीर आरोप
बंगाल में माकपा नेताओं के सेक्स स्कैंडल पार्टी के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। पिछले साल अगस्त से अब तक सात मामले सामने आए हैं जिनमें पूर्व मंत्री सुशांत घोष पूर्व सांसद वंश गोपाल चौधरी और पूर्व विधायक तन्मय भट्टाचार्य जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं। पार्टी ने आरोपों के बाद कई नेताओं को निलंबित और निष्कासित भी किया है।

राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। वामपंथी दलों की अगुआई करने वाली माकपा के लिए पार्टी नेताओं का 'सेक्स स्कैंडल' बड़ा सिरदर्द बन गया है। बंगाल में पिछले साल अगस्त से अब तक ऐसे सात मामले सामने आ चुके हैं।
इनमें माकपा के छात्र व युवा संगठनों के नेताओं से लेकर बंगाल के पूर्व मंत्री सुशांत घोष, पूर्व सांसद वंश गोपाल चौधरी व पूर्व विधायक तन्मय भट्टाचार्य तक के नाम सामने आए हैं। पिछले वर्ष अगस्त में सुशांत घोष का सेक्स वीडियो सामने आया था।
सुशांत पर हुई कार्रवाई
सुशांत उस वक्त पार्टी की पश्चिम मेदिनीपुर जिला इकाई के सचिव थे। माकपा ने कार्रवाई करते हुए सुशांत को पहले अस्थायी तौर पर पद से हटाया, फिर जिला व राज्य कमेटी से उनकी छुट्टी कर दी। पिछले वर्ष अक्टूबर में तन्मय भट्टाचार्य पर एक महिला पत्रकार ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
माकपा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भट्टाचार्य को निलंबित कर दिया था। पार्टी स्तर पर जांच के बाद निलंबन वापस ले लिया गया था। इस वर्ष अप्रैल में वंशगोपाल चौधरी पर पार्टी की एक नेत्री व जियागंज-अजीमगंज नगरपालिका की पूर्व पार्षद को इंटरनेट मीडिया के जरिए कुप्रस्ताव भेजने का आरोप लगा।
क्या लगा आरोप?
माकपा ने मामले की पार्टी स्तर पर जांच के बाद वंशगोपाल चौधरी को बहिष्कृत कर दिया। पार्टी के छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया व युवा संगठन डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेताओं पर भी यौनाचार के आरोप लग चुके हैं।
अगले साल होगा विधानसभा चुनाव
मालूम हो कि राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है। पार्टी की स्थिति पहले से ही काफी खराब है। वर्तमान में बंगाल विधानसभा में माकपा का एक भी सदस्य नहीं है। लोकसभा में भी बंगाल से माकपा का एक भी प्रतिनिधि नहीं है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।