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    2026 में भारत के 5 राज्यों में चुनाव, 3 में BJP का कभी नहीं खुला खाता; दुनिया के इन 36 देशों में भी होंगे इलेक्शन

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 02:00 PM (IST)

    साल 2026 भारत के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, जहां पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी सहित 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होंगे। भाजपा ...और पढ़ें

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    ममता की चौथी जीत से लेकर बांग्लादेश में नए PM तक 2026 का सियासी रोडमैप (फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। साल 2026 राजनीति के लिहाज से बेहद अहम रहने वाला है। भारत में 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव होंगे, जिनमें देश की करीब 17% आबादी अपनी सरकार चुनेगी। वहीं, भारत के पड़ोस से लेकर दुनिया के 36 से ज्यादा देशों में भी आम चुनाव होने हैं।

    इस साल भारत में जिन राज्यों में चुनाव हैं उनमें पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी शामिल हैं। इन राज्यों में कहीं सत्ता बचाने की चुनौती है तो कहीं पहली बार इतिहास रचने की कोशिश। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल ऐसे राज्य हैं, जहां BJP (भारतीय जनता पार्टी) अब तक विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाई है। वहीं असम में भाजपा तीसरी बार और पुडुचेरी में दूसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है।

    बंगाल में ममता का वर्चस्व

    पश्चिम बंगाल में पिछले 14 साल से ममता बनर्जी मुख्यमंत्री हैं। 2026 के चुनाव में अगर TMC फिर जीतती है तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। ऐसा करने वाली वे देश की पहली मुख्यमंत्री होंगी। अब तक यह रिकॉर्ड तमिलनाडु की जयललिता के नाम है जो 5 बार मुख्यमंत्री बनीं, लेकिन उनके कार्यकाल लगातार नहीं थे। इस चुनाव में ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती बनी हुई है।

    असम में पिछले 10 साल से भाजपा की सरकार है। पार्टी तीसके कार्यकाल के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। पीएम मोदी बीते 6 महीनों में तीन बार असम का दौरा कर चुके है। भाजपा ने 126 सीटों वाली विधानसभा में 100 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। यहां बांग्लादेशी घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और असमिया पहचान बड़े मुद्दे हैं। भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने 8 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है।

    तमिलनाडु और केरल में किसका पलड़ा भारी?

    तमिलनाडु देश का इकलौता राज्य है जहां पिछले 60 साल से कांग्रेस या भाजपा की सरकार नहीं बनी। यहां की राजनीति पर DMK और AIADMK का दबदबा रहा है। इस बार भाजपा AIADMK के साथ गठबंधन कर सकती है। वहीं सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK भी चुनावी मैदान में उतर चुकी है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

    केरल देश का एकमात्र राज्य है, जहां अभी भी लेफ्ट की सरकार है। यहां लंबे समय से सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में LDF ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाकर इतिहास तोड़ा। कांग्रेस गठबंधन इस बार एंटी-इनकम्बेंसी को मुद्दा बनाकर वापसी की कोशिश में है। भाजपा अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है, हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में त्रिशूर सीट और दिसंबर 2025 में तिरुवनंतपुरम नगर निगम भाजपा ने जीता था।

    पुडुचेरी देश की सबसे कम सीटों वाली विधानसभा है। 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन सत्ता में आया और एन. रंगासामी मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था जब भाजपा सीधे तौर पर पुडुचेरी में सत्ता का हिस्सा बनी। इस बार कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन कर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है और सरकार गिरने के मुद्दे को एंटी-इनकम्बेंसी में बदलना चाहती है।

    नेतनयाहू से लेकर खालिदा जिया के बेटे तक चुनावी मैदान में

    साल 2026 में भारत में ही नहीं, बल्कि 36 से ज्यादा देशों में आम चुनाव होने हैं। इनमें बांग्लादेश, नेपाल और इजरायल सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद पहली बार चुनाव हो रहे हैं। शेख हसीना भारत आ चुकी हैं और उनकी पार्टी आवामी लीग पर चुनाव लड़ने पर बैन है।

    विपक्षी नेता खालिदा जिया का निधन हो चुका है। उनकी पार्टी BNP के जीतने की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है। माना जा रहा है कि खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो बांग्लादेश को 35 साल बाद नया पीएम मिलेगा।

    नेपाल में 5 मार्च को मतदान होगा। Gen-Z आंदोलन के बाद नेपाल का यह पहला चुनाव है। आंदोलन के बाद देश की 10 कम्युनिस्ट पार्टियों ने मिलकर नई नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी बनाई है। इस बार यही गठबंधन चुनाव जीतने का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है।

    बेंजामिन नेतन्याहू का रिकॉर्ड

    फलिस्तीन-गाजा जंग के बाद इजरायल में भी इसी साल आम चुनाव होने वाले हैं। पिछले कई चुनावों से कोई भी पार्टी अकेले बहुमत नहीं ला पाई है। इस बार भी गठबंधन सरकार बनना तय माना जा रहा है। बेंजामिन नेतन्याहू इजराय के सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले प्रधानमंत्री हैं और उनकी राजनीतिक किस्मत का फैसला भी इसी चुनाव में होगा।

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