यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maharashtra Politics: एकनाथ शिंदे गुट को मिला नया चुनाव चिह्न, EC ने 'ढाल और दो तलवार' किया आवंटित
चुनाव आयोग ने शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट को दो तलवारें और ढाल का प्रतीक आवंटित किया उन्हें कल बालासाहेची ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एएनआइ। चुनाव आयोग ने मंगलवार को शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट को 'बालासाहेची शिवसेना' (बालासाहेब की शिवसेना) आवंटित किए जाने के एक दिन बाद ' दो तलवारें और ढाल' का प्रतीक आवंटित किया। शिंदे गुट ने अगले महीने अंधेरी पूर्व विधानसभा क्षेत्र में आगामी उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग (ईसी) को अपने चुनाव चिन्ह विकल्प के रूप में 'चमकता हुआ सूरज', 'ढाल और तलवार' और 'पीपल का पेड़' सौंप दिया था। हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा कि शिंदे गुट द्वारा प्रस्तुत प्रतीक आयोग में अधिसूचित मुक्त प्रतीकों की सूची से नहीं हैं।
आयोग ने शिंदे गुट को दो तलवारें और एक ढाल चुनाव चिन्ह किया आवंटित

चुनाव आयोग ने सूरज को प्रतीक के रूप में आवंटित नहीं करने का कारण बताते हुए कहा, "प्रतीक का नाम पहले से ही आरक्षित प्रतीकों 'सूर्य (बिना किरणों)' और 'उगते सूरज' जैसे मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के 'जोरम' से मिलता जुलता है। आयोग ने दो तलवारें और एक ढाल को एक स्वतंत्र प्रतीक घोषित करने का निर्णय लिया है प्रतीक के रूप में आवंटित किया है।
आयोग ने उद्धव ठाकरे के खेमे को मशाल चुनाव चिन्ह किया आवंटित
जबकि शिवसेना के उद्धव ठाकरे धड़े को 'ज्वलंत मशाल' (मशाल) चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया था, जिसमें धार्मिक अर्थ का हवाला देते हुए 'त्रिशूल' के उनके दावे को खारिज कर दिया गया था। चुनाव आयोग ने ठाकरे गुट के लिए पार्टी के नाम के रूप में 'शिवसेना - उद्धव बालासाहेब ठाकरे' को भी आवंटित किया। इस बीच, चुनाव आयोग ने 'त्रिशूल' और 'गदा' को चुनाव चिन्ह के रूप में खारिज कर दिया, जो शिवसेना के दो गुटों द्वारा उनके धार्मिक अर्थ का हवाला देते हुए दावा किया गया था।

चुनाव आयोग ने पहले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले समूह को आगामी अंधेरी पूर्व उपचुनाव में "शिवसेना के लिए आरक्षित धनुष और तीर" का उपयोग करने से 3 नवंबर को रोक दिया था।
चुनाव आयोग द्वारा आगामी अंधेरी पूर्वी विधानसभा उपचुनावों में शिवसेना के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को इसका इस्तेमाल करने से रोकने के लिए शिवसेना के 'धनुष और तीर' के प्रतीक को सील करने के एक दिन बाद, पार्टी अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रतिद्वंद्वी शिंदे खेमे को लताड़ लगाई।
Maharashtra Politics: Eknath Shinde vs Uddhav Thackeray, Shiv Sena के दो गुटों का शक्ति प्रदर्शन
"एकनाथ शिंदे ने इस साल की शुरुआत में 30 जून को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के एक धड़े ने गठबंधन को एमवीए से भारतीय जनता पार्टी भाजपा में स्थानांतरित कर दिया। तब से, महाराष्ट्र में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच इस बात को लेकर खींचतान चल रही है कि बाल ठाकरे की विरासत का असली उत्तराधिकारी कौन है।
