चेन्नई, प्रेट्र। द्रमुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से न्यूजप्रिंट पर सीमा शुल्क माफ करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही पार्टी ने अखबारों के सरकारी विज्ञापन का बकाया भुगतान करने की दिशा में कदम उठाने और विज्ञापन दर में 100 फीसद वृद्धि करने की भी मांग की।

उद्योग को बचाने के लिए सरकार का समर्थन जरूरी   

पार्टी ने कहा है कि कोविड-19 पर काबू पाने के लिए लागू लॉकडाउन से यह उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि अगर इस उद्योग का समर्थन नहीं किया गया तो इस उद्योग से जुड़े 30 लाख लोगों के लिए जीवन यापन मुश्किल होगा। लॉकडाउन के दौरान इस उद्योग को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।     

पिछले दो महीने में समाचार पत्रों के अस्तित्‍व पर सवालिया निशान लगा  

इसी सप्ताह चेन्नई में समाचारपत्र प्रकाशकों के समूहों के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा कि पिछले दो महीने के दौरान आर्थिक गतिविधियां बिल्कुल ठहर गई हैं। इस स्थिति ने उद्योग के अस्तित्व पर सवालिया निशान लगा दिया है।

अपना खर्च भी पूरा करने में सक्षम नहीं रहा यह उद्योग

तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष स्टालिन ने मोदी को लिखे गए पत्र में कहा है, 'विज्ञापन राजस्व घाटा और कोविड-19 महामारी के कारण प्रसार पर लगे अंकुश ने इस उद्योग पर खतरा पैदा कर दिया है। इस स्थिति में यह उद्योग अपना खर्च भी पूरा करने में सक्षम नहीं रह गया है।'

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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