यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति बनना तय, दाखिल किया नामांकन; जानिए कौन-कौन बने मुख्य प्रस्तावक
उपराष्ट्रपति पद के लिए राजग उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने संसद भवन में नामांकन पत्र दाखिल किया। प्रधानमंत्री मोदी रक्षा मंत्री ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति पद के लिए राजग उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को संसद भवन पहुंच कर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। इस दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित राजग के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
चार सेटों में सौंपे गए नामांकन पत्रों में उनके मुख्य प्रस्ताव पीएम मोदी, राजनाथ सिंह,अमित शाह व जेडीयू नेता राजीव रंजन बने है। नामांकन के दौरान यह सभी राधाकृष्णन के साथ उपस्थित भी थे। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी बनाए गए राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी को नामांकन पत्रों के चारों सेट पीएम मोदी ने सौंपे है।
पीएम ने जारी किया वीडियो
इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि राजग परिवार का विश्वास है कि वे एक उत्कृष्ट उपराष्ट्रपति होंगे। साथ ही वे राष्ट्रीय प्रगति की हमारी यात्रा को समृद्ध करेंगे। बाद में एक वीडियो जारी कर उन्होंने राधाकृष्णन के साथ अपने पुराने संबंधों को भी याद किया।
राधाकृष्णन का सभी दलों में सम्मान
वहीं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राधाकृष्णन को एक ऐसा राजनेता बताया, जिनका सभी दलों में सम्मान है। उन्होंने कहा कि वे तमिलनाडु के प्रभावशाली गौंडर जाति से आते हैं, जो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय है। इस दौरान राधाकृष्णन के प्रस्ताव और अनुमोदक के रूप में भी राजग में शामिल सभी दलों ने नेता शामिल थे।
इनमें तेलगु देशम पार्टी ( टीडीपी) के राममोहन नायडू, अपना दल की अनुप्रिया पटेल, आरपीआइ से रामदास आठवले, लोजपा(आरवी) के चिराग पासवान, हिंदुस्तान आवामी मोर्चा ( हम) के जीतन राम मांझी आदि मुख्य रूप से शामिल है।
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए नामांकन पत्रों के साथ कम से कम 20 सांसदों का प्रस्तावक और उतने ही सांसदों को बतौर अनुमोदक के रूप में हस्ताक्षर करवाना आवश्यक होता है।
राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति बनना तय
राधाकृष्णन के नामांकन के दौरान जिस तरह से राजग के सभी दलों ने भागीदारी दिखाई है, उससे उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। वैसे भी उपराष्ट्रपति के चुनाव में सिर्फ संसद के दोनों ही सदनों के सदस्य ही हिस्सा ले सकते है।
ऐसे में मौजूदा समय में इनमें मतदान करने वालों की प्रभावी संख्या 781 है और बहुमत का आंकड़ा 391 का है,जबकि सत्तारूढ़ एनडीए को कम से कम 422 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। इसके साथ ही वाईएसआर जैसी पार्टी पहले से ही राधाकृष्णन को समर्थन देने की घोषणा कर चुकी हैं।
