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    सीक्रेट बैलेट से होगा कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव, प्रतिनिधियों पर दबाव डालने-डराने की गुंजाइश नहीं

    17 अक्टूबर को चुनाव के बाद मतपेटी को सीलबंद कर फ्लाइट से दिल्ली लाया जाएगा और कांग्रेस चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री के अनुसार नागरिक उड्डन मंत्रालय और सीआइएसएफ से मतपेटी को सुरक्षित विमान से लाए जाने में सहयोग का अनुरोध किया जाएगा।

    By Jagran NewsEdited By: Ashisha Singh RajputUpdated: Wed, 12 Oct 2022 07:19 PM (IST)
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    17 अक्टूबर को चुनाव के बाद मतपेटी को सीलबंद कर फ्लाइट से दिल्ली लाया जाएगा

    नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में वोटिंग सीक्रेट बैलेट पेपर के जरिये होगी। इसमें यह मालूम नहीं चल पाएगा कि किसने किसको वोट दिया। चुनाव में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस चुनाव प्राधिकरण ने यह कदम उठाते हुए साफ कर दिया है कि वोटों की गिनती से पहले सभी राज्यों के मतपत्रों को भी मिला दिया जाएगा। ताकि किस राज्य में किस उम्मीदवार को कितने वोट मिले यह भी पता नहीं चल पाए।

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    पार्टी चुनाव प्राधिकरण ने बैलेट बाक्स व मतपत्र किया तैयार

    17 अक्टूबर को चुनाव के बाद मतपेटी को सीलबंद कर फ्लाइट से दिल्ली लाया जाएगा और कांग्रेस चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री के अनुसार नागरिक उड्डन मंत्रालय और सीआइएसएफ से मतपेटी को सुरक्षित विमान से लाए जाने में सहयोग का अनुरोध किया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए बैलेट बाक्स और मतपत्र तैयार कर लिया गया है और इसे मतदान की तारीख से पहले सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के पार्टी कार्यालयों में भेज दिया जाएगा।

    मधुसूदन मिस्त्री ने चुनाव तैयारियों पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रतिनिधियों पर दबाव या डराने जैसी बात को लेकर कुछ लोगों की ओर से आशंका जताई गई है। मगर जब चुनाव गुप्त मतपत्र के जरिये कराए जाएंगे और बैलेट पेपर पर कोई नंबर नहीं होगा तो यह पता ही नहीं चलेगा कि किसने किस उम्मीदवार को वोट दिया।

    उम्मीदवारों के चुनाव एजेंट के सामने खुलेगी मतपेटी

    इसको और मजबूती देने के लिए मतगणना के दिन 19 अक्टूबर को एक-एक कर पहले सभी राज्यों की मतपेटी दोनों उम्मीदवारों मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के चुनाव एजेंट के सामने खुलेगी।

    फिर सभी मतपत्रों को एक साथ मिला दिया जाएगा और इसके बाद किस राज्य से किसको कितना वोट मिला यह भी मालूम नहीं चलेगा। चुनाव प्राधिकरण ने एक पेन भी रखा है और इसी से दोनों पक्षों के एजेंट तथा प्रदेश चुनाव अधिकारी सीलबंद मतपेटी पर लगाए गए विशेष स्टीकर पर हस्ताक्षर करेंगे।

    इसके बाद मतपेटी को एक विशेष बैग में रखकर उसे दोबारा सीलबंद किया जाएगा। बैलेट पेपर पर क्रम संख्या एक पर मल्लिकार्जुन खड़गे और दूसरे पर शशि थरूर का नाम है। इन दोनों के नाम के आगे टिक लगाने के लिए बाक्स दिया गया है।

    थरूर की ओर से की गई शिकायतों पर मिस्त्री ने कहा

    मतपत्र के निचले हिस्से में वोट डालने वाले प्रतिनिधि के ब्योरे का कालम है मगर अलग कर लिया जाने वाला यह हिस्सा चुनाव कराने वाले अधिकारी के पास रह जाएगा और बिना नंबर का उम्मीदवारों को वोट देने वाला मुख्य हिस्सा डेलिगेट मतपेटी में डालेंगे।

    वोट डालने वाले नौ हजार से अधिक लोगों में से करीब तीन सौ प्रतिनिधियों के फोन नंबर दुरुस्त नहीं होने की शशि थरूर की ओर से की गई शिकायतों के बारे में पूछे जाने पर मिस्त्री ने कहा कि इन सबके अपडेट फोन नंबर के साथ पूरी सूची दोनों उम्मीदवारों को प्लेट में सजाकर दे दी गई है।

    मिस्त्री की पत्रकार वार्ता के दौरान मौजूद शशि थरूर के प्रतिनिधि रोशन संथालिया ने भी पुष्टि की कि उन्हें प्रदेश प्रतिनिधियों की अपडेट सूची और फोन नंबर मिल गए हैं। हम पूरी तरह संतुष्ट हैं और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और हमें इसको लेकर कोई शिकायत नहीं है।

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