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    त्रिपुरा में 1,100 बूथ असुरक्षित, 28 की 'क्रिटिकल' के रूप में की गई पहचान: मुख्य निर्वाचन अधिकारी

    By AgencyEdited By: Ashisha Singh Rajput
    Updated: Wed, 25 Jan 2023 06:38 PM (IST)

    सीईओ दिनकरराव ने आगे कहा कि किसी को भी अतिसंवेदनशील के रूप में चिह्नित नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अर्धसैनिक बलों की लगभग 200 कंपनियों को पहले ही राज्य में भेज दिया है।

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    सीईओ दिनकरराव ने आगे कहा कि किसी को भी अतिसंवेदनशील के रूप में चिह्नित नहीं किया गया है।

    अगरतला, पीटीआइ। त्रिपुरा में कुल 3,328 मतदान केंद्रों में से 1,100 की 'असुरक्षित' के रूप में पहचान की गई है। बुधवार को एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, 28 बूथों की पहचान 'क्रिटिकल' के रूप में की गई है, जहां पिछले चुनाव के दौरान एक उम्मीदवार को 70 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे।

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    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) गित्ते किरणकुमार दिनकरराव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, '2018 के विधानसभा चुनावों और 2019 के आम चुनावों के इनपुट के आधार पर, कानून और व्यवस्था की स्थिति के आधार पर 1,100 बूथों को 'कमजोर' और 28 को 'गंभीर' के रूप में पहचाना गया है।'

    निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव

    सीईओ दिनकरराव ने आगे कहा कि किसी को भी अतिसंवेदनशील के रूप में चिह्नित नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अर्धसैनिक बलों की लगभग 200 कंपनियों को पहले ही राज्य में भेज दिया है।

    चुनावी हिंसा के ग्राफ में लगातार आई गिरावट

    सीईओ दिनकरराव ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में राज्य में चुनावी हिंसा के ग्राफ में लगातार गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि चुनाव मशीनरी 18 दिसंबर से 25 जनवरी तक कई अप्रिय घटनाओं को रोकने में सक्षम रही है, जिससे बड़ी समस्याओं को टाला गया।

    'सी-विजिल ऐप' के माध्यम से मिली 600 शिकायतें

    अधिकारी ने आगे बताया, 'आयोग को अब तक 'सी-विजिल ऐप' के माध्यम से लगभग 600 शिकायतें मिली हैं और इनमें से 480 पर कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि कुछ को अधिकारियों ने हटा दिया था।' उन्होंने कहा कि तीन विशेष पर्यवेक्षकों- योगेंद्र त्रिपाठी, विवेक जौहरी और बी. मुरली कुमार ने 16 फरवरी को होने वाले चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के लिए चुनाव अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।

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