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    पाक को भारी पड़ रहा भारतीय सेना का हौसला, आतंकी घुसपैठ की कोशिश नाकाम

    By Bhupendra SinghEdited By:
    Updated: Thu, 19 Sep 2019 01:14 AM (IST)

    पाकिस्तानी सेना का स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) गुलाम कश्मीर में आतंकवादियों को बड़े हमले करने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग देने के साथ उन्हें घुसपैठ करने म ...और पढ़ें

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    पाक को भारी पड़ रहा भारतीय सेना का हौसला, आतंकी घुसपैठ की कोशिश नाकाम

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। भारतीय जवानों के बुलंद हौसले और उच्च तकनीक पाकिस्तान के हर मंसूबे पर भारी पड़ रही है। पाकिस्तान की सेना और उसकी बार्डर एक्शन टीम (बैट) की आतंकी घुसपैठ की हर कोशिश नाकाम दिख रही है। पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप के कमांडो के मार्गदर्शन के बावजूद उसे मुंह की खानी पड़ रही है। 

    भारतीय सेना ने पाकिस्तान की पोल खोली

    भारतीय सेना ने पिछले हफ्ते घुसपैठ का वीडियो जारी कर पाकिस्तान की पोल खोली है। भारतीय सेना ने न सिर्फ कश्मीर के हाजी पीर इलाके में 12-13 सितंबर को बार्डर एक्शन टीम के हमले को नाकाम करने का वीडियो जारी किया, बल्कि पाकिस्तान सैनिकों और आतंकवादियों द्वारा अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर से हमला करने की हकीकत भी सामने लाई। अकेले अगस्त महीने में ही नियंत्रण रेखा पर सेना ने घुसपैठ की 15 कोशिशें नाकाम की हैं।

    भागते हुए पाक कमांडो का गिर गया था एक्शन कैमरा

    अगस्त में पाकिस्तान की बार्डर एक्शन टीम में शामिल एसएसजी कमांडो व आतंकवादी पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में पुंछ नदी के पास पहुंचे थे। भारतीय जवानों द्वारा देखे जाने के बाद वह डरकर भाग निकले थे। भारतीय चौकी के समीप उनका गिरा एक एक्शन कैमरा मिला, जो विशेष सैन्य अभियानों में कमांडो के हेलमेट में फिट रहता है। इससे पूरे ऑपरेशन का वीडियो बनता है। अगस्त माह के अंत में भी सेना ने पाकिस्तान के एसएसजी कमांडो व आतंकवादियों की मूवमेंट रिकार्ड करने के बाद उन्हें मार गिराने के लिए त्वरित कार्रवाई की गई थी।

    आतंकियों को ट्रेनिंग और घुसपैठ में सहयोग करता है एसएसजी

    पाकिस्तानी सेना का स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) गुलाम कश्मीर में आतंकवादियों को बड़े हमले करने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग देने के साथ उन्हें घुसपैठ करने में सहयोग दे रहा है। पाकिस्तान सेना ने गुलाम कश्मीर में बार्डर एक्शन टीम के कैंप बना रखे हैं। कमांडो आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों में आतंकवादियों को हथियारों और घुसपैठ की रणनीति की ट्रेनिंग देते हैं। चुने हुए आतंकवादियों और 6-7 एसएसजी कमांडोज की एक बार्डर एक्शन टीम बनाई जाती है।

    यह टीम कार्रवाई अंजाम देने से पहले कई दिन तक इलाके की रेकी कर भारतीय सेना पर नजर रखती है। तय दिन पाकिस्तान सेना गोलाबारी कर इस टीम को घुसपैठ करने के लिए कवर फायर देती है। ऐसा करते समय अकसर सैनिकों का हौसला व उच्च तकनीक उन पर भारी पड़ जाती है। भारतीय सेना के पास ऐसे सेंसर्स, रडार, थर्मल इमेजर हैं जो छिप रहे दुश्मन की मूवमेंट रिकार्ड कर उसे तबाह कर देते हैं।