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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोरोना वायरस के आगे घुटने टेक चुके अमेरिका को अब है भारत से उम्‍मीद

By Kamal VermaEdited By:
Published: Sun, 05 Apr 2020 05:56 PM (IST)

पूरी दुनिया में भारत सबसे अधिक हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा का निर्माण करता है। अमेरिका ने भारत से इसी दवा की आपूर्ति ...और पढ़ें

कोरोना वायरस के आगे घुटने टेक चुके अमेरिका को अब है भारत से उम्‍मीद
कोरोना वायरस के आगे घुटने टेक चुके अमेरिका को अब है भारत से उम्‍मीद

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस की चपेट में आए अमेरिका ने अब भारत से मदद करने की गुहार लगाई है। कोरोना का टीका इजाद करने का दावा करने वाला अमेरिका इस वक्‍त इसकी सबसे अधिक मार झेल रहा है। पूरी दुनिया में जहां इस वायरस के मरीजों की संख्‍या 1215940 तक पहुंच गई है वहीं अकेले अमेरिका में इसके मरीजों की संख्‍या 3113637 तक पहुंच गई है। यहां पर इसकी वजह से अब तक 8454 लोगों की जान भी जा चुकी है। अमेरिका कह चुका है कि आने वाले दिन बेहद बुरे होंगे और जहां तक दवा की बात की जाए तो इस वायरस का टीका बाजार में आने में भी डेढ़ वर्ष का समय तक लग सकता है। ऐसे में अमेरिका के सामने एक ही विकल्‍प बचा है। वो है भारत।

दरअसल, अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा की आपूर्ति करने की गुजारिश की है। आपको बता दें कि इस दवा का निर्माण करने में भारत सबसे आगे है और इस दवा को मलेरिया के उपचार के लिए दिया जाता है। भारत ने पिछले महीने ही इस दवा के निर्यात पर रोक लगा दी थी।हालांकि विदेश व्यापार महानिदेशालय कि तरफ से ये भी कहा गया था कि मानवता के आधार पर इसके कुछ निर्यात की अनुमति दी जा सकती है। ट्रंप ने दोनों राष्‍ट्र प्रमुखों के बीच हुई बातचीत की जानकारी अपने दैनिक प्रेस कांफ्रेंस में भी दी थी। उनका कहना था कि भारत भारी मात्रा में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन बनाता है। उन्‍होंने ये भी उम्‍मीद जताई है कि भारत उनकी इस गुजारिश पर विचार करेगा और निराश नहीं करेगा।

अमेरिका की इस गुजारिश की वजह ये भी है कि उसको इस दवा का परीक्षण कोरोना वायरस के मरीजों पर सफल दिखाई दिया है। यही वजह है कि अमेरिका अब इन मरीजों पर इस दवा के उपयोग को प्राथमिकता दे रहा है। करीब एक सप्‍ताह पहले ही अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन से मिली मंजूरी के बाद इस दवा को कुछ दूसरी दवाओं के साथ मरीजों को दिया भी गया था। ट्रंप के अनुसार इस दवा के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।

ट्रंप ने व्‍हाइट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ये भी कहा है कि यदि इस बात की पुष्टि हो जाती है कि ये फार्मूला काम कर रहा है तो ये सभी के लिए किसी वरदान से कम नहंी हेागा। आपको बता दें कि अमेरिका के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस के कारण एक लाख से दो लाख मौतों का अनुमान लगाया है। हालांकि इस उम्‍मीद में अमेरिका इस दवाई की लगभग 29 मिलियन खुराक का स्टॉक कर चुका है।

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