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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Olympics Games History: ग्रीस से हुई शुरुआत, विश्व युद्धों की झेली मार फिर भी नहीं रुका कारवां; जानें ओलंपिक का इतिहास

Published: Tue, 09 Jul 2024 12:01 PM (IST)

फ्रांस के पेरिस में 26 जुलाई से 11 अगस्त खेलों का महाकुंभ लगने वाले वाला है। यानी ओलंपिक गेम्स का ...और पढ़ें

ओलंपिक गेम्स का इतिहास, Olympics Games History
ओलंपिक गेम्स का इतिहास, Olympics Games History

HighLights

  1. ओलंपिक की शुरुआत प्राचीन ग्रीस से हुई
  2. जानें ओलंपिक परंपरा का पतन और पुनरुद्धार
  3. 1894 में पहला आधुनिक ओलंपिक गेम्स खेला गया

उमेश कुमार, नई दिल्ली। ओलंपिक गेम्स यानी खेलों का महाकुंभ जिसका आयोजन हर चार साल में किया जाता है। इसकी शुरुआत लगभग 3,000 साल पहले प्राचीन ग्रीस में हुई थी। दो विश्व युद्धों की मार झेल चुका ओलंपिक, 19वीं सदी के अंत में फिर से पुनर्जीवित हुआ और दुनिया की प्रमुख खेल इवेंट बन गया। 8वीं शताब्दी ईसा पूर्व से 4वीं शताब्दी ईस्वी तक पश्चिमी पेलोपोन्नी प्रायद्वीप में स्थित ओलंपिया में हर चार साल में खेल आयोजित किए जाते थे, जो भगवान जीउस के सम्मान में हुआ करता था।

पहला आधुनिक ओलंपिक गेम्स 1896 में एथेंस में हुआ था। समय बदला और 1994 से समर और विंटर ओलंपिक गेम्स को अलग-अलग आयोजित किया जाने लगा। 2024 समर ओलंपिक 26 जुलाई से 11 अगस्त, 2024 तक पेरिस, फ्रांस में आयोजित किया जाएगा। पेरिस के 35 वेन्यू पर 184 देश के लगभग 10,500 एथलीट कुल 32 खेल में हिस्सा लेंगे। आज हम खेलों के इसी महाकुंभ यानी ओलंपिक के इतिहास को विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे।

ओलंपिक गेम्स खेल गांव, फोटो- साभार, IOC

इतिहास के झरोखे से

प्राचीन ओलंपिक खेलों का पहला लिखित प्रमाण 776 ईसा पूर्व का मिलता है, जब कोरोबस नामक एक रसोइए ने एकमात्र इवेंट जीता था। रसोइए ने 192 मीटर की पैदल दौड़ जिसे स्टेड (आधुनिक स्टेडियम की उत्पत्ति) कहा जाता था, कि रेस जीती और पहला ओलंपिक चैंपियन बना। किंवदंती है कि जीउस और अल्कमेने के बेटे हेराक्लीज (रोमन में हरक्यूलिस) ने खेलों की स्थापना की, जो 6 वीं शताब्दी ईसा पूर्व के अंत तक ग्रीस में सबसे ज्यादा प्रसिद्धी हासिल की।

प्राचीन ओलंपिक हर चार साल में 6 अगस्त से 19 सितंबर के बीच भगवान जीउस के सम्मान में एक धार्मिक उत्सव के दौरान आयोजित किए जाते थे। ओलंपिक गेम्स का नाम ओलंपिया के कारण पड़ा। ओलंपिया दक्षिणी ग्रीस में पेलोपोन्नी प्रायद्वीप के पश्चिमी तट के पास स्थित एक पवित्र स्थल है। ओलंपिया के प्रभाव के चलते प्राचीन इतिहासकारों ने ओलंपिक खेलों के बीच चार साल का समय तय किया, जिसे ओलंपियाड के रूप में जाना जाता था।

नई परंपरा की शुरूआत

इतिहास के अनुसार, 13 ओलंपियाड के बाद दो और खेलों को ओलंपिक में शामिल किया गया, जो डायुलोस (आज की 400 मीटर दौड़ के बराबर) और डोलिचोस (एक लंबी दूरी की दौड़, संभवतः 1,500 मीटर या 5,000 मीटर की दौड़ के बराबर) के नाम से जानी जाती थी। पेंटाथलॉन को (जिसमें पांच गेम्स शामिल होते हैं: पैदल दौड़, लंबी कूद, डिस्कस, भाला फेंक और कुश्ती) 708 ईसा पूर्व में शुरू किया गया था। मुक्केबाजी, 688 ईसा पूर्व में और रथ दौड़ 680 ईसा पूर्व में शुरू की गई थी। 648 ईसा पूर्व में, पंक्रेशन (संभवतः बिना किसी नियम के मुक्केबाजी) और कुश्ती को ओलंपिक में एक खेल के रूप में शामिल किया। प्राचीन ओलंपिक खेलों में भागीदारी शुरू में ग्रीस के स्वतंत्र नागरिकों तक ही सीमित थी।

समय ने मिटाया और फिर जिंदा किया

दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व के मध्य में रोमन साम्राज्य ने ग्रीस पर विजय हासिल कर ली। इस साम्राज्य में भी ओलंपिक खेल जारी रहे, लेकिन उनके मानक और गुणवत्ता में गिरावट आई, जिसका वर्चस्व ज्यादा था वह खुद को विजेता घोषित करता था। 63 ई. में सम्राट नीरो ने रथ दौड़ में हिस्सा लिया था। वह रथ से गिर गया था, लेकिन खुद को विजेता घोषित किया था। समय ने करवट ली और 393 ई. में रोमन सम्राट थियोडोसियस प्रथम ने धार्मिक कारणों से ओलंपिक खेलों पर प्रतिबंध लगा दिया था। उनका दावा था कि ओलंपिक बुतपरस्ती (मूर्तिपूजा) को बढ़ावा देते हैं। इसके चलते लगभग 12 शताब्दियों के बाद प्राचीन ओलंपिक परंपरा समाप्त हो गई।

समय की गर्त में खो चुके ओलंपिक को फिर से शुरू होने में 1500 साल लग गए। इसे फिर से जिंदा करने का श्रेय फ्रांस के बैरन पियरे डी कुबर्टिन को जाता है। फिजिकल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए बैरन ने प्राचीन ओलंपिक स्थान का दौरा करने के बाद आधुनिक ओलंपिक खेल बनाने के विचार से प्रेरित हुए। नवंबर 1892 में, पेरिस में यूनियन डेस स्पोर्ट्स एथलेटिक्स की एक बैठक में कुबर्टिन ने ओलंपिक को हर चार साल में आयोजित होने वाली एक अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक प्रतियोगिता के रूप में पुनर्जीवित करने का विचार प्रस्तावित किया।

आधुनिक ओलंपिक गेम्स की शुरूआत

दो साल बाद, उन्हें अंतररष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की स्थापना के लिए इजाजत मिल गई। इसके बाद आधुनिक ओलंपिक खेलों का शासी निकाय बन गया। पहला आधुनिक ओलंपिक 1896 में ग्रीस के एथेंस में आयोजित किया गया था। उद्घाटन समारोह में राजा जॉर्जियोस I के साथ 60,000 दर्शकों ने हिस्सा लिया था। साल 1916 में और 1940-44 में प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के चलते ओलंपिक गेम्स को रद्द कर दिया गया था। आधुनिक खेलों का आधिकारिक लोगो पांच रंगीन छल्ले हैं, जो उत्तर और दक्षिण अमेरिका, एशिया, अफ्रीका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के महाद्वीपों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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डिस्क्लेमर- इस स्टोरी के संदर्भ इंटरनेशनल ओलंपिक समिति (IOC) की आधिकारिक साइट और History.com से लिए गए हैं। जागरण ने पाठक को मात्र सूचना देने का काम किया है।

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