Neeraj Chopra: 'मैंने कभी खुद की तुलना धोनी-कोहली से करने की कोशिश तक नहीं की…’,गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा ने क्यों कहा ऐसा?
नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra)का मानना है कि क्रिकेट के खेल को हमेशा से ही बाकी खेलों से ज्यादा लोकप्रियता मिलती है। भारत में क्रिकेट का क्या महत्व है वह इस बारे में अच्छे से जानते हैं लेकिन उनका कहना है कि कोई भी खिलाड़ी किसी खेल को अपनाने से पहले लोकप्रियताधन या बाकी चीजों के बारे में नहीं सोचता है।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने हाल ही में एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी खुद को क्रिकेट के दिग्गज एमएस धोनी और विराट कोहली से तुलना नहीं की है। यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि चोपड़ा को भारत में क्रिकेट जितनी ही लोकप्रियता हासिल है।
Neeraj Chopra ने धोनी-कोहली से तुलना पर दिया ये बयान
दरअसल, नीरज चोपड़ा ने कहा कि मैंने कभी भी खुद को धोनी या कोहली से तुलना नहीं की। वे दोनों महान खिलाड़ी हैं जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को कई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। मैं सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और भारत के लिए गौरव हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करता हूं।
यह सच है कि क्रिकेट भारत में सबसे लोकप्रिय खेल है और धोनी और कोहली देश के सबसे प्रसिद्ध एथलीटों में से दो हैं। चोपड़ा की ओलंपिक जीत ने निश्चित रूप से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है, लेकिन उन्हें अभी भी क्रिकेट सितारों के समान स्तर की लोकप्रियता हासिल नहीं है।
चोपड़ा की कामयाबी किसी भी तरह से कम नहीं हैं। वह ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय हैं और उन्होंने इसके अलावा कई रिकॉर्ड्स अपने नाम दर्ज किए हैं। नीरज युवा एथलीटों के लिए प्रेरणा हैं और भारत में एथलेटिक्स को लोकप्रिय बनाने में वह अहम भूमिका निभा रहे हैं।
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नीरज चोपड़ा ने सही कहा है कि उनकी तुलना एमएस धोनी और विराट कोहली से नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने आज तक कभी भी खुद की तुलना धोनी-कोहली से करने की कोशिश भी नहीं की।
स्पोर्ट्स्टार से बातचीत करते हुए नीरज ने आगे कहा कि जब मैं बड़ा हो रहा था, तो मुझे हमेशा यह पता था कि क्रिकेट एक अलग ही स्तर पर है। क्रिकेट को हमेशा किसी दूसरे खेल खेलने वाले एथलीट की तुलना में ज्यादा लोकप्रियता मिलता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि क्रिकेट के अलावा मेरे पास कोई विकल्प नहीं है। मैं हमेशा से ही भाला फेंकना चाहता था, क्योंकि ये मेरा पसंदीदा खेल था। मुझे इस बात का बिल्कुल अंदाज नहीं था कि मैं ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत लूंगा।
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