यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mirabai Chanu की स्वार्णिम वापसी, रिकॉर्ड बनाते हुए विरोधियों को किया पस्त, लड़खड़ाने के बाद संभली ओलंपिक पदक विजेता
मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप में शानदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता है। मीराबाई ने 48 किलोग्राम भारवर्ग ...और पढ़ें

HighLights
- मीराबाई चानू ने कुल 193 किग्रा वजन उठाकर जीता गोल्ड मेडल
- राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में रिकार्ड तोड़कर पहला स्थान हासिल किया
- मीराबाई चानू ने उठाया कुल 193 किलो वजन
अहमदाबाद, पीटीआई: एक साल के लंबे अंतराल के बाद वापसी करने वाली मीराबाई चानू ने अपनी ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए सोमवार को राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप में नए रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीता। टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वजन वर्ग में कुल 193 किग्रा (84 किग्रा + 109 किग्रा) वजन उठाकर राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में कुल, स्नैच और क्लीन एंड जर्क के रिकॉर्ड तोड़कर पहला स्थान हासिल किया।
यह 31 वर्षीय खिलाड़ी इससे पहले 49 किलोग्राम में भाग लेती थी, लेकिन यह वजन वर्ग अब ओलंपिक में शामिल नहीं है। मीराबाई पिछले साल अगस्त में पेरिस ओलंपिक के बाद पहली बार किसी प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं। पेरिस ओलंपिक में वह चौथे स्थान पर रही थी।
चोट से जूझ रही थीं मीराबाई
मीराबाई चोटिल होने के कारण पिछले एक साल में किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाई थी इसलिए उन्हें लय हासिल करने में भी समय लगा। स्नैच में 84 किग्रा के अपने पहले प्रयास में वह लड़खड़ा गईं। उनके दाहिने घुटने में तकलीफ दिखाई दी, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने उतना ही वजन उठाया। 89 किग्रा का उनका तीसरा प्रयास भी असफल रहा। कोई वास्तविक प्रतिस्पर्धा न होने के कारण मीराबाई असल में खुद से ही मुकाबला कर रही थीं।
क्लान एंड जर्क में दिखाया दम
उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 105 किग्रा भार उठाकर शुरुआत की। उन्होंने इसे बढ़ाकर 109 किग्रा कर लिया, लेकिन 113 किग्रा का अपना अंतिम प्रयास पूरा नहीं कर सकीं। मलेशिया की इरीन हेनरी ने 161 किग्रा (73 किग्रा + 88 किग्रा) वजन उठाकर रजत पदक, जबकि वेल्स की निकोल राबर्ट्स ने 150 किग्रा (70 किग्रा + 80 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक जीता।
मीराबाई ने इस तरह से 48 किग्रा में सफल वापसी की। उन्होंने इसी वजन वर्ग में अपना विश्व चैम्पियनशिप खिताब और राष्ट्रमंडल खेलों में दो पदक जीते लेकिन 2018 के बाद वह 49 किग्रा वर्ग में चुनौती पेश कर रही थी। सौम्या दलवी ने जूनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
