Commonwealth Games 2026 से हटाए गए खेलों में कैसा रहा भारत का प्रदर्शन? फैसले से भारतीय खेल जगत निराश
Commonwealth Games 2026 का आयोजन 23 जुलाई से 12 अगस्त तक ग्लास्गो में होगा जो 12 वर्ष बाद इन खेलों की मेजबानी कर रहा है। अनुमानित लागत में वृद्धि के कारण ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य के मेजबानी से पीछे हटने के बाद स्काटलैंड की राजधानी ग्लास्गो को इसकी मेजबानी सौंपी गई थी। इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में केवल 10 खेलों का आयोजन चार स्थलों पर किया जाएगा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। 2026 ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने की संभावनाओं को तगड़ा झटका लगा है। मंगलवार को हॉकी, निशानेबाजी, क्रिकेट, बैडमिंटन और कुश्ती को इन खेलों के कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया है, जिससे पूरा भारतीय खेल समुदाय और प्रशंसक स्तब्ध हैं।
इन पांच खेलों के अलावा स्क्वाश, टेबल टेनिस और ट्रॉयथलान को भी कार्यक्रम से हटाया गया है। भारत ने 2022 में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 16 खेलों में 210 खिलाड़ी उतारे थे। इन खेलों में उसने 61 पदक जीते थे जिनमें 30 पदक उन खेलों में हासिल किए थे जिन्हें अगले राष्ट्रमंडल खेलों के कार्यक्रम से हटा दिया गया है।
इनमें कुश्ती में 12, मुक्केबाजी व टेबल टेनिस में सात-सात, बैडमिंटन में छह, हाकी व स्क्वाश में दो-दो और क्रिकेट में एक पदक जीता था। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने कहा कि 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में एथलेटिक्स (ट्रैक एंड फील्ड), तैराकी, आर्टिस्टिक जिमनास्टिक्स, ट्रैक साइकिलिंग, नेटबाल, भारोत्तोलन, मुक्केबाजी, जूडो, बा¨लग, 333 बास्केटबाल को शामिल किया गया है।
Commonwealth Games 2026 से हटाए गए क्रिकेट, हॉकी जैसे कई खेल
खेलों का आयोजन 23 जुलाई से 12 अगस्त तक ग्लास्गो में होगा, जो 12 वर्ष बाद इन खेलों की मेजबानी कर रहा है। अनुमानित लागत में वृद्धि के कारण ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य के मेजबानी से पीछे हटने के बाद स्काटलैंड की राजधानी ग्लास्गो को इसकी मेजबानी सौंपी गई थी। लागत कम करने और संचालन संबंधी जोखिमों से बचने के लिए इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में केवल 10 खेलों का आयोजन चार स्थलों पर किया जाएगा।
सीजीएफ के इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए हाकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा,
"उन अधिकतर खेलों को हटा दिया गया है जिनमें भारत पदक जीतता रहा है। भारतीय ओ¨लपिक संघ (आइओए) को इस मामले को उठाना चाहिए। अपनी तरफ से हमने अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआइएच) के सामने अपनी शिकायतें रखी हैं और वे इस मामले को सीजीएफ के साथ उठा रहे हैं।"
इस बीच एफआइएच ने कहा है कि हॉकी को बाहर करने से खेल के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह बदलाव केवल इसी संस्करण के लिए है और हाकी सीजीएफ के लिए महत्वपूर्ण खेल बना हुआ है।
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ग्लास्गो में हटे खेलों में भारत का प्रदर्शन हॉकी
खेल (कुल मेडल) - 61 | गोल्ड | सिल्वर | ब्रॉन्ज |
रेसलिंग ( कुल 12 मेडल) | 6 | 1 | 5 |
टेबल टेनिस (कुल 5 मेडल) | 3 | 1 | 1 |
बैडमिंटन (कुल 6 मेडल) | 3 | 1 | 2 |
हॉकी (कुल 2 मेडल) | - | 1 | 1 |
स्क्वैश (2 मेडल) | - | - | 2 |
क्रिकेट (1 मेडल) | - | 1 | - |
वेटलिफ्टिंग (कुल 10 मेडल) | 4 | 2 | 4 |
एथलेटिक्स (कुल 8मेडल) | 1 | 4 | 3 |
जूडो (कुल 3 मेडल) | 0 | 2 | 1 |
बॉक्सिंग ( कुल 7 मेडल) | 3 | 1 | 3 |
लॉन बाउल्स ( कुल 2 मेडल) | 1 | 1 | 0 |
भारतीय पुरुष टीम ने तीन रजत और दो कांस्य पदक जीते महिला हॉकी टीम ने तीन पदक जीते हैं, जिनमें 2002 में स्वर्ण शामिल है।
बैडमिंटन- भारतीय शटलरों ने राष्ट्रमंडल खेलों में 10 स्वर्ण, आठ रजत और 13 कांस्य सहित 31 पदक जीते निशानेबाजी : निशानेबाजी में भारत के नाम 135 पदक हैं। इनमें 63 स्वर्ण, 44 रजत और और 28 कांस्य हैं।
कुश्ती- भारतीय पहलवानों ने अब तक 114 पदक जीते हैं, जिनमें से 49 स्वर्ण, 39 रजत और 26 कांस्य पदक हैं।
क्रिकेट- क्रिकेट को 2022 खेलों में पहली बार शामिल किया गया था और भारतीय महिला टीम ने रजत जीता था।
भारतीय कुश्ती महासंघ अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि इस फैसले से भारतीय खेल जगत निराश 'यह निश्चित रूप से बहुत निराशाजनक है। राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुश्ती में अच्छा प्रदर्शन किया है। यह निश्चित रूप से भारतीय कुश्ती समुदाय को नुकसान पहुंचाने वाला है। हमने खेल को कार्यक्रम में बनाए रखने के लिए सीजीएफ को समझाने की पूरी कोशिश की थी।
भारतीय बैडमिंटन संघ महासचिव संजय मिश्रा ने कहा,
"यह चौंकाने वाला फैसला है और भारतीय खेलों के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि जिन खेलों को हटाया गया है उनमें हम 40 पदक जीत सकते थे। यह सिर्फ खेल और खिलाडि़यों का ही नुकसान नहीं है। यह भारत की बढ़ती खेल क्षमता को दरकिनार करने की साजिश लगती है।"
भारतीय राष्ट्रीय राइफल महासंघ अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह ने कहा कि यह एक बहुत ही अलग राष्ट्रमंडल खेल होगा जिसमें कई ऐसे लोकप्रिय खेल नहीं होंगे जो कि ओ¨लपिक खेलों का अभिन्न अंग हैं। यह बेहद कमजोर खेल साबित होंगे। भारत सरकार, खेल मंत्रालय और आईओए ने उन खेलों को शामिल करने के लिए हर संभव प्रयास किया जिनमें भारत पारंपरिक रूप से मजबूत है।'
भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा
"हमारा लक्ष्य ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतना था। हाकी को कार्यक्रम से हटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। लेकिन जो हमारे हाथ में नहीं है, हम उसके बारे में नहीं सोच रहे।"
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