विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

इस मंथन से जो राह निकली है...

Published: Mon, 05 Jan 2026 07:49 PM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के त्वरित हस्तक्षेप से मेजर भट्ट की बेटी अंजना को 24 घंटे में न्याय मिला और उनका ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. CM योगी के हस्तक्षेप से अंजना को 24 घंटे में मिला न्याय।

  2. सात साल बाद लखनऊ में 'पुलिस मंथन' का सफल आयोजन।

  3. कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर, मानवीय बुद्धिमत्ता का महत्व।

भारतीय बसंत कुमार, लखनऊ। 'मकान नंबर ए/ 418, ए ब्लाक, इंदिरानगर'... आप इस पते से परिचित नहीं होंगे। मकान पुराना है, समाचार माध्यमों के लिए पता नया है। दरअसल यह मकान पूर्व सैन्य अधिकारी का है। स्व. बिपिन चंद्र भट्ट सेना में मेजर थे। वर्ष 1994 में उनके निधन के बाद बेटे की भी मौत हो गई।

बेटी अंजना को असहाय समझ दबंगों ने उनके घर पर कब्जा करने के लिए फर्जी कागज तैयार कराए और मेजर साहब का नेमप्लेट हटाकर उस पर कब्जा कर लिया। बदमाशों ने अपनी नेमप्लेट तक ठोक डाली। थाना-पुलिस में सुनवाई नहीं हुई और अंतत: सैन्य अधिकारी की बेटी किसी तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली।

साल के पहले दिन 24 घंटे के अंदर घर को कब्जा मुक्त करा अंजना को सौंपा गया और जिन लोगों ने यह दुस्साहस किया था, उनकी गिरफ्तारी तक हो गई। वे पुलिस अफसर निलंबित किए गए, जिन्होंने इस घटना के प्रति संवेदनशीलता नहीं बरती। मुख्यमंत्री का आदेश ही था कि 24 घंटे में न्याय हो और वह हुआ।

घटना एक परिवार से जुड़ी हो सकती है, पर संदेश पूरे प्रदेश में गया है। नए साल का पहला दिन दिवंगत मेजर की बेटी अंजना भट्ट के लिए न्याय, सुकून और सुरक्षित उत्तर प्रदेश की आश्वस्ति का भाव लेकर आया। उत्तर प्रदेश अपराधजनित अपयश का साक्षी रहा है। माफिया को मिट्टी में मिलाऊंगा... का ओज जब यहां के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में भरा था तो संशय रहा होगा, पर जब कुछ उदाहरणों के साथ इसका सच होना सामने आने लगा तो भयमुक्त प्रदेश की छाया घनी होने लगी।

वर्ष बदलता है तो जीवनगत व्यवस्था भी करवट लेती है। अनायास ही कुछ बीत जाने और कुछ नए के आगमन की आहट से मन पुलकित होने लगता है। इसी संयोग से बीते साल के अंतिम सप्ताह में राजधानी में ‘पुलिस मंथन’ का आयोजन नए साल के लिए कुछ संकल्पों के साथ हुआ। उत्तर प्रदेश पुलिस सप्ताह आखिरी बार 2018 में आयोजित किया गया था।

इसके बाद के सात वर्षों में राज्य में छह डीजीपी बदले, लेकिन पारंपरिक ‘पुलिस वीक’ आयोजित नहीं हो सका। लंबे अंतराल के बाद राजीव कृष्ण के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज्य-स्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन के आयोजन के साथ इस मंच को फिर जिंदा किया।

बात पुलिसिंग में एआइ के बहुविध उपयोग तक गई, पर बुनियादी पुलिसिया हनक और पुरानी शैली का आसरा बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। दोनों दिन सभी सत्रों में मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने कानून-व्यवस्था के प्रति शासन के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया। कानून व्यवस्था को लेकर योगी ने खाकी का जनता के बुनियादी सरोकारों से परिचय कराया।

सर्वज्ञात है कि उत्तर प्रदेश के खाते में भीड़ प्रबंधन, नेपाल सीमा, आतंकवाद विरोधी अभियान, मादक पदार्थों पर नियंत्रण, गौ तस्करी और अन्य संगठित अपराधों पर नकेल कसने के साथ ही साइबर अपराधों का बोझ भी बहुत ज्यादा है। धार्मिक आयोजनों और तीर्थ स्थलों का प्रदेश होने के कारण भी पुलिसिंग पर अलग प्रकार का दबाव है। बुलडोजर राज की हनक और उसके प्रति लोगों की बढ़ती दिलचस्पी ने प्रदेश को माडल के रूप में चर्चित किया है।

होली की पिचकारी से लेकर नव वर्ष के संदेश तक में बुलडोजर व्यवस्था की छाप गहरी होने लगी है। एआइ के हो-हल्ले के बावजूद मुख्यमंत्री ने पुलिस की कार्यशैली में मानव बुद्धिमता की उपयोगिता को रेखांकित किया। आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के काम को ‘आंखें खोलने वाला’ बताते हुए कहा कि उन्होंने ‘मानव बुद्धि’ के उपयोग से राष्ट्रीय स्तर के धर्मांतरण मामले को बीते दिनों एक्सपोज किया था।

इस प्रकरण में दिखा कि सतर्क पुलिसिंग कैसे उन खतरों की पहचान कर सकती है जो राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं। सुरक्षा और कानून के राज की अवधारणा से उत्तर प्रदेश में कारोबारी भरोसा बढ़ा है। चाहे जिस भी प्रकार हो, वर्ष 2025 लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष था, जिसमें डकैती की एक भी घटना दर्ज नहीं हुई।

पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की अगुआई में पुलिस मंथन की नवोन्मेषी पहल भले ही सात साल बाद हुई है, पर यह नए साल की नई राह हो सकती है। यहां कुछ संकल्प लिए गए हैं। शांति समिति की बैठकें अब त्योहारों के दौरान ही नहीं होंगी, यह संवाद निरंतर होगा। पुलिस जनप्रतिनिधियों से महीने में कम से कम एक बार संपर्क कर उनकी भावना जानेगी, साझेदारी से कानून सम्मत कार्रवाई करेगी।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।