कटक, जागरण संवाददाता। संस्कृति व परंपरा का नगरी कटक में गणेश चतुर्थी को कोरोना गाइडलाइन के बीच मनाया जा रहा है। शहर के विभिन्न शिक्षा अनुष्ठान, क्लब आदि में प्रभु गजानन की पूजा को संपूर्ण रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना की गई। राज्य सरकार द्वारा कोरोना के मद्देनजर सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को लेकर पूजा अर्चना किए जाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर कोरोना गाइडलाइन का सही तरह से पालन किया जा रहा है या नहीं उसके लिए पुलिस की ओर से कड़ी नजर रखी गई है।

शहर के विभिन्न इलाकों में घूमकर पुलिस की गाड़ी पेट्रोलिंग के जरिए कोरोना गाइडलाइन की जांच पड़ताल भी कर रही है। कटक डीसीपी प्रतीक सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के तमाम छोटे-बड़े क्लब को कोरोना गाइडलाइन के बीच पूजा पालन करने के लिए इजाजत दी गई है। ठीक उसी तरह पूजा के बाद विसर्जन के लिए भी तारीख तय की गई है।

जिस तारीख पर गणेश मूर्तियों को विसर्जन के लिए लिया जाएगा और श्रृंखला के तहत तमाम मूर्तियों का विसर्जन एक जगह पर । कटक में कोरोना का संक्रमण घटा है। लेकिन इसके बावजूद भी सरकार की ओर से पाबंदी बरकरार है। पाबंदियों के चलते कटक शहर में इस साल प्रभु गजानन की पूजा में खास रौनक देखने को नहीं मिला है। विभिन्न पूजा पंडालों के कार्यकर्ताओं के मुताबिक प्रभु गजानन का आशीर्वाद रहा तो निश्चित तौर पर कोरोना महामारी जल्द दूर हो जाएगी और अगले साल फिर से प्रभु गजानन की पूजा का बड़े ही धूमधाम से आयोजन किया जाएगा।

कोरोना गाइडलाइन के बीच फीकी पड़ गई गणेश पूजा

गणेशोत्‍सव आज से शुरू हो गया है लेकिन इस बार गणेश पूजा को लेकर लोगों में उत्साह की कमी है। प्रशासन ने कोरोना गाइडलाइन के अनुरुप पूजा के सख्त निर्देश दिए हैं। आमतौर पर गणेश चतुर्थी के समय चहल-पहल से भरपूर रहने वाले स्कूलों में पूजा अर्चना तो चल रही है लेकिन विद्यार्थियों को स्कूल आने की मनाही होने से स्कूलों में बच्चों का कोलाहल सुनाई नहीं दे रहा। उधर सार्वजनिक स्थलों पर भी पूजा पंडाल में मूर्तियों की ऊंचाई कम रखने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए अनेक पूजा पंडाल धूमधाम से गणेश पूजा को लेकर निरुत्साहित है। राजधानी भुवनेश्वर में स्कूल कॉलेज के अलावा अन्य शिक्षा अनुष्ठान में सांकेतिक रूप से गणेश पूजा का आयोजन किया गया। कई जगह तो केवल फोटो लगा कर ही गणेश पूजा संपन्न हुई है। शहर में कोरोना गाइडलाइन का अनुपालन किया जा रहा है। विभिन्न कालोनी और सांस्कृतिक केंद्र में भी प्लास्टर ऑफ पेरिस की छोटी-छोटी मूर्तियों की स्थापना की गई है। गणेश पूजा के दौरान आयोजित किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर कोरोना गाइडलाइन की मार पड़ी है जिससे युवा वर्ग को निराशा हुई।

Edited By: Babita Kashyap

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