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ओडिशा में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 6 माओवादी ढेर, 1 करोड़ का इनामी गणेश उइके भी मारा गया

Published: Thu, 25 Dec 2025 12:04 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 25 Dec 2025 04:08 PM (GMT+05:30)

ओडिशा के कंधमाल में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी गणेश उइके समेत छह माओवादियों को मार ...और पढ़ें

HighLights

  1. कंधमाल में सुरक्षा बलों ने छह माओवादियों को मार गिराया

  2. मारे गए माओवादियों में गणेश उइके भी शामिल

  3. ओडिशा को माओवादी मुक्त करने का लक्ष्य

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा पर ओडिशा के कंधमाल में स्थित रंभा जंगल में गुरुवार को सुरक्षा बल के जवानों ने माओवादियों के शीर्ष कमांडर एक करोड़ के इनामी गणेश उइके समेत छह माओवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया। मारे गए माओवादियों में दो महिला माओवादी भी शामिल हैं। देर शाम खबर लिखे जाने तक महिला माओवादियों की पहचान नहीं हो सकी थी।

गणेश उइके प्रतिबंधित माओवादी संगठन भाकपा माओवादी का केंद्रीय समिति सदस्य और ओडिशा प्रभारी था। कई बड़े माओवादी हमलों में उसकी संलिप्‍तता थी। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की झीरम घाटी में मई 2013 को हुई चर्चित माओवादी हिंसा में भी वह शामिल था, जिसमें 32 कांग्रेसी नेताओं की सामूहिक हत्या कर दी गई थी।

माओवादियों के विरुद्ध मिली इस बड़ी सफलता के बाद केंद्रीय गृहमंत्री कार्यालय ने भी इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। पोस्ट में कहा गया कि इस बड़ी सफलता के साथ ही ओडिशा अब माओवादियों से पूरी तरह मुक्त होने की दहलीज पर खड़ा है। हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।

ओडिशा पुलिस के मुताबिक, पुलिस का स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी), बीएसएफ और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम गुरुवार को जंगल में सर्च आपरेशन चला रही थी। इसी दौरान माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में चार माओवादी ढेर हो गए। मुठभेड़ स्थल से दो पुरुष और दो महिला माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बल के जवानों ने मौके से एक रिवॉल्वर, एक थ्री नाट थ्री रायफल और एक वॉकी-टॉकी सेट भी जब्त किया है।

इस अभियान में किसी भी सुरक्षाकर्मी को नुकसान नहीं पहुंचा है। पूरे इलाके में काम्बिंग आपरेशन तेज कर दिया गया है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का प्रमुख चेहरा था गणेश उइके पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मारा गया गणेश उइके तेलंगाना के नलगोंडा जिले का मूल निवासी था और पिछले करीब चार दशकों से वह माओवादी आंदोलन में सक्रिय था।

पक्का हनुमंतु, राजेश तिवारी और रूपा जैसे कई नामों से उसकी पहचान थी। वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का प्रमुख चेहरा था और केंद्रीय नेतृत्व व स्थानीय इकाइयों के बीच अहम कड़ी माना जाता था।बीते तीन वर्षों से गणेश उइके ओडिशा के कंधमाल क्षेत्र में सक्रिय था और माओवादी नेटवर्क को मजबूत करने के साथ गुरिल्ला गतिविधियों का संचालन कर रहा था।

मार्च तक पूरी तरह माओवादी मुक्त प्रदेश होगा ओडिशा:

डीजीपी ओडिशा के डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया ने मुठभेड़ के बाद कहा कि गंजाम सीमा क्षेत्र में चल रहा यह संयुक्त अभियान राज्य में नक्सलवाद की कमर तोड़ने में निर्णायक साबित होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि मार्च 2026 तक ओडिशा को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य हर हाल में हासिल किया जाएगा। खुरानिया ने माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने और आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उनका पुनर्वास कराने और समाज में की मुख्यधारा में दोबारा शामिल होने में सहयोग करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।