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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिंहनाथ मंदिर में भगदड़ मामला: प्रशासन पर लाखों की जिंदगी दांव पर लगाने का आरोप, लागू धारा 144, पसरा सन्‍नाटा

By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
Published: Mon, 16 Jan 2023 09:25 AM (IST)

रविवार को मकर संक्रान्ति के मौके पर जगन्‍नाथ पुरी मंदिर में भगदड़ जैसे हालात उत्‍पन्‍न हो गए। इसमें एक महिला ...और पढ़ें

जगन्‍नाथ पुरी मंदिर में भगवान का दर्शन करते भक्‍तजतनों की फाइल फोटो
जगन्‍नाथ पुरी मंदिर में भगवान का दर्शन करते भक्‍तजतनों की फाइल फोटो

जासं, कटक। कटक बड़म्बा के प्रसिद्ध सिंहनाथ पीठ में मकरयात्रा के दौरान मची भगदड़ में एक महिला की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। इस घटना से ऐसा लगता है जैसे 1 लाख लोगों का जीवन खतरे में था। प्रशासन के अनुसार, कल लाखों लोग मंदिर में एकत्र हुए थे। आठगढ़ के एसडीपीओ विजय कुमार विशी के अनुसार, कल यात्रा के दौरान लगभग एक लाख श्रद्धालुओं की अचानक भीड़ उमड़ पड़ी। इतने भक्त आएंगे इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता था। श्रद्धालुओं के एकत्र होने के पहले के अनुमान के अनुसार यात्रा के लिए बल तैनात किया गया था।

घटना के बाद इलाके में जारी धारा 144

महत्वपूर्ण बात यह है कि वरिष्ठ अधिकारियों को इतनी बड़ी यात्रा के लिए ड्यूटी नहीं सौंपी गई थी। बडम्बा थाने के प्रभारी का पद खाली पड़ा था, वहीं कानपुर थाने के इंस्पेक्टर को यात्रा की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी तरह केवल चार उप निरीक्षकों और छह एएसआई को बल की तीन प्लाटून दी गई। घटना के बाद वहां धारा 144 जारी करने के साथ ही सात प्लाटून बल, चार डीएसपी, पांच निरीक्षक, आठ उप निरीक्षक और सात एएसआई तैनात किए गए।

घटना के लिए लोगों ने प्रशासन को ठहराया जिम्‍मेदार

गौरतलब है कि अगर पुलिस ने पहले से भीड़ को ध्यान में रखकर सुरक्षा व्यवस्था का आकलन कर लिया होता और उसके अनुसार बल तैनात कर दिया होता तो इस तरह की घटना नहीं होती। लोग इसे प्रशासन की लापरवाही और अदूरदर्शी सोच का परिणाम बता रहे हैं।

प्रशासन की तैयारियों पर उठ रहे सवाल

कटक जिला कलेक्टर ने आठगढ़ के उप-कलेक्टर को घटना की जांच करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जबकि बडम्बा-नरसिंहपुर कांग्रेस नेता ने घटना की न्यायिक जांच की मांग की है। भाजपा ने भी इस मामले में प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं और आंदोलन की चेतावनी दी है।

धारा 144 लागू होने के बाद मंदिर में भक्‍तों का प्रवेश हुआ वर्जित

उधर, धारा 144 लागू होने के बाद हर तरफ सन्नाटा सा छा गया है। 2 दिन पहले जहां हंसी-ठहाके के साथ लोगों की चहलकदमी से उत्सव का माहौल था वह मंदिर परिसर आज सुनसान है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वहां ड्यूटी पर लगा दिए गए हैं। वहीं, व्यापार करने आए दुकानदार अपने बोरिया बिस्तर समेट कर घर लौट गए। धारा 144 लागू होने के कारण टी-सेतु और पूरा सिंहनाथ पीठ आज पुलिस हिरासत में है। मंदिर में केवल ठाकुर का अनुष्ठान किया जा रहा है, भक्तों का प्रवेश वर्जित है।

घायलों की स्थिति में लगातार सुधार

इस बीच एससीबी में गंभीर रूप से घायल 11 वर्षीय बालक केशव लेंका सहित तीन बच्चे आईसीयू में हैं, जबकि एक महिला का सामान्य वार्ड में इलाज चल रहा है। एससीबी के आपातकालीन अधिकारी डॉ. भुवनानंद महाराणा ने बताया कि सभी की हालत में सुधार हुआ है।

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