जासं, कटक। राज्य सरकार द्वारा संचालित कटक एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मंगलवार को एक 81 वर्षीय पुरुष मरीज की मौत के बाद तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मृतक के रिश्तेदारों ने मरीज की मौत के लिए अस्पताल के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि आक्सीजन ना मिलने के कारण मरीज की मौत हुई है। वहीं इस संदर्भ में जांच के लिए एससीबी मेडिकल की तरफ से एक कमेटी का गठन किया गया है। मेडिकल की तरफ से कहा गया है कि घटना की जांच के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

परिवार का आरोप एक घंटे तक ऑक्‍सीजन न मिलने के कारण मौत

जानकारी के मुताबिक, बालेश्वर अस्पताल से एससीबी रेफर किए गए भगवत महांती (81) का कैजुअल्टी वार्ड में इलाज चल रहा था। मंगलवार सुबह दूसरे वार्ड में स्थानांतरित किए जाने के दौरान उनका निधन हो गया। मरीज के एक रिश्तेदार ने आरोप लगाया है कि मरीज को पुराने मेडिसिन वार्ड में ले जाते समय ऑक्सीजन सपोर्ट हटा दिया गया था और एक घंटे तक उन्हें आक्सीजन नहीं मिला, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मौत हुई है।

ऑक्‍सीजन को वार्ड में लाए जाने तक मरीज की हुई मृत्‍यु

मरीज के रिश्तेदारों ने कहा कि हम बालेश्वर से मरीज को लेकर एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे। कैजुअल्टी वार्ड में उन्हें ऑक्सीजन दी गई। आज सुबह उन्हें होश आ गया। बाद में, कुछ कर्मचारी वार्ड में पहुंचकर मरीज को पुराने मेडिसिन वार्ड में स्थानांतरित कर दिया। इस दौरान हमने ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं हटाने का अनुरोध किया, लेकिन कर्मचारियों ने नहीं सुनी। वार्ड में पहुंचने के बाद हमने कर्मचारियों से ऑक्सीजन कनेक्शन देने का अनुरोध किया, लेकिन वहां के कर्मचारियों ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि ड्यूटी का समय पहले ही समाप्त हो चुका है। इसमें एक घंटे की देरी हुई। जब तक ऑक्सीजन को वार्ड में लाया गया, तब तक मरीज की मौत हो चुकी थी। 

घटना की जांच के लिए किया जाएगा कमेटी का गठन

एससीबी के प्रशासनिक अधिकारी अभिनाश राउत ने कहा है कि मरीज को बालेश्वर अस्पताल से एससीबी रेफर किया गया था। कैजुअल्टी वार्ड में इलाज कराने के बाद उन्हें ओल्ड मेडिसिन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। शिफ्टिंग के दौरान ऑक्सीजन की समस्या की वजह से मृत्यु होने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के लिए एससीबी अधीक्षक और मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष के साथ चर्चा के बाद एक कमेटी का गठन किया गया है।

दोषी पर होगी कड़ी कार्रवाइ

कमेटी मरीज के भर्ती होने से लेकर अस्पताल से छुट्टी तक की पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी और चूक का पता लगाएगी। अगर मरीज के रिश्तेदार के आरोप सही पाए जाते हैं और अगर किसी कर्मचारी की ओर से कोई गलती पाई जाती है, तो तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Edited By: Arijita Sen

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