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ओडिशा की IPS बेटी बनी झारखंड की डीजीपी, तदाशा मिश्रा के नाम से खौफ खाते हैं अपराधी

Published: Fri, 07 Nov 2025 03:38 PM (IST)

ओडिशा की तदाशा मिश्रा झारखंड की पहली महिला पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बनीं। 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी मिश्रा ने बोकारो ...और पढ़ें

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HighLights

  1. तदाशा मिश्रा बनीं झारखंड की पहली महिला डीजीपी

  2. 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं तदाशा मिश्रा

  3. महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

संतोष कुमार पांडेय, अनुगुल। ओडिशा की बेटी और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा ने इतिहास रच दिया है। वे झारखंड की पहली महिला पुलिस प्रमुख बनी हैं।

राज्य सरकार ने उन्हें 6 नवंबर 2025 से कार्यवाहक डीजी एंड आईजी (डीजीपी) के पद पर नियुक्त किया है। तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को न केवल पुलिस विभाग में एक अहम प्रशासनिक कदम माना जा रहा है, बल्कि यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित हुई है।

ओडिशा से झारखंड तक का सफर

ओडिशा में जन्मी तदाशा मिश्रा 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। झारखंड राज्य गठन के बाद वे इसी कैडर में आ गईं। अपने तीन दशक के पुलिस करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। बोकारो की एसपी, रेलवे एडीजी और गृह, जेल एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव के रूप में उन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और प्रशासनिक दक्षता का परिचय दिया। उनकी सख्त कार्यशैली, संवेदनशीलता और महिला सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध दृष्टिकोण के लिए वे हमेशा चर्चित रही हैं।

नियुक्ति का महत्व और नई उम्मीदें

तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को राज्य पुलिस व्यवस्था में नई सोच और नेतृत्व की दिशा में सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। झारखंड जैसे चुनौतीपूर्ण राज्य में, जहां अपराध, नक्सल प्रभाव और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दे हैं, वहां एक महिला अधिकारी का शीर्ष पद संभालना अपने आप में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

उनसे उम्मीद है कि वे महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी बढ़ाने, कानून-व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने, और जनसंपर्क पर आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देंगी।

चुनौतियां भी कम नहीं

हालांकि, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। राज्य में अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध और नक्सली गतिविधियां अभी भी गंभीर मुद्दे बने हुए हैं।

इसके साथ ही उनका कार्यकाल अपेक्षाकृत छोटा रहेगा, क्योंकि उनकी सेवानिवृत्ति 31 दिसंबर 2025 को निर्धारित है।
इस सीमित अवधि में उन्हें अपनी प्राथमिकताओं को तेजी से लागू करना होगा।

महिला नेतृत्व का प्रतीक

तदाशा मिश्रा की नियुक्ति ने न केवल झारखंड, बल्कि पूरे देश में महिला अधिकारियों को प्रेरित किया है। पुलिस विभाग जैसे परंपरागत रूप से पुरुष-प्रधान क्षेत्र में उनका शीर्ष पर पहुंचना एक नई मिसाल है। ओडिशा में जन्मी इस अधिकारी की उपलब्धि से उनके गृह राज्य में भी गर्व का माहौल है।

tadasha mishra

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा।

यह नियुक्ति बताती है कि अब महिलाओं को शीर्ष प्रशासनिक पदों पर देखकर समाज और संस्थानों में बदलाव की हवा चल पड़ी है।

आगे की राह

तदाशा मिश्रा से उम्मीद है कि वे अपने अनुभव का उपयोग कर झारखंड पुलिस को नई दिशा देंगी। सामुदायिक पुलिसिंग और जनसंपर्क पर बल, महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर समान अवसर, अपराध एवं नक्सल नियंत्रण में दक्ष रणनीति, प्रौद्योगिकी आधारित अपराध-नियंत्रण प्रणाली को मजबूत करना, उनके प्रमुख कार्य होंगे।

उनकी यह नियुक्ति झारखंड की पुलिस इतिहास में एक नया अध्याय लिख चुकी है। एक महिला जो अनुशासन, संवेदनशीलता और सशक्त नेतृत्व का प्रतीक बन गई।

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