श्रीजगन्नाथ मंदिर में वीआईपी दर्शन पर सख्ती, नई एसओपी लागू; मोबाइल फोन पर प्रतिबंध
श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने पुरी मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए नई सख्त एसओपी तैयार की है। मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने बताया कि अब प्रोटोक ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। पुरी स्थित 12वीं शताब्दी के श्रीजगन्नाथ मंदिर में वीआईपी दर्शन और भक्तों की सुचारु व्यवस्था को लेकर श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने सख्त रुख अपनाया है। मंदिर प्रशासन ने वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत मंदिर आने वाले अतिथियों के लिए विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की है।
इसकी जानकारी एसजेटीए के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने सोमवार को प्रेस वार्ता के दौरान दी। इस अवसर पर पुरी के पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह भी उपस्थित रहे।
मुख्य प्रशासक ने बताया कि अब वीआईपी दर्शन के दौरान प्रोटोकॉल प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी मंदिर प्रशासन के पास होगी। किसी अन्य एजेंसी या व्यक्ति को इसमें हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका उद्देश्य भक्तों को बिना किसी अव्यवस्था के दर्शन की सुविधा देना है।

मोबाइल फोन पर और सख्ती
मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर भी सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे। केवल मंदिर से जुड़े आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मियों को ही मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति दी जाएगी। आम श्रद्धालुओं और अन्य व्यक्तियों के लिए मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
कल की घटना पर जताया खेद, जांच के आदेश
मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने रविवार को बैरिकेडिंग के जरिए दर्शन व्यवस्था को लेकर उत्पन्न विवाद पर खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना आपसी समन्वय की कमी के कारण हुई है। मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कमांडर की भूमिका रहेगी अहम
उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन में कमांडर की भूमिका दैनिक अनुष्ठानों और दर्शन व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पद की गरिमा और भूमिका को बरकरार रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
हर माह होगी समन्वय बैठक
अरविंद पाढ़ी ने बताया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए हर महीने नियमित रूप से समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। वीआईपी प्रोटोकॉल को लेकर तैयार ड्राफ्ट एसओपी को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन का लक्ष्य भक्तों के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और सहज दर्शन सुनिश्चित करना है, साथ ही वीआईपी प्रोटोकॉल में अनुशासन बनाए रखना भी प्राथमिकता में रहेगा।

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