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    पुरी जगन्नाथ महाप्रभु भूमि नीति में संशोधन पर मंथन, अतिक्रमण हटाकर सेवायतों को अधिकार देने की तैयारी

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 05:30 AM (IST)

    महाप्रभु श्रीजगन्नाथ की हजारों एकड़ भूमि पर अतिक्रमण और अव्यवस्था के कारण मंदिर को राजस्व हानि हो रही है। इस समस्या के समाधान हेतु कानून मंत्री पृथ्वी ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। महाप्रभु श्रीजगन्नाथ के नाम पर दर्ज हजारों एकड़ बहुमूल्य भूमि वर्षों से अव्यवस्था, अतिक्रमण और लचर प्रबंधन की भेंट चढ़ी हुई है। इससे न केवल श्रीमंदिर को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है, बल्कि लंबे समय से इन जमीनों पर रह रहे गरीब और भूमिहीन सेवायत भी अधिकार से वंचित हैं।अब राज्य सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए कमर कस ली है।श्रीमंदिर भूमि बंदोबस्त नीति में बड़े संशोधन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

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    इन समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर कानून, लोक निर्माण एवं आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन की अध्यक्षता में श्रीमंदिर भूमि बंदोबस्त नीति में संशोधन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक लोकसेवा भवन स्थित कानून विभाग के सम्मेलन कक्ष में हुई।

    बैठक में श्रीजगन्नाथ के नाम पर दर्ज भूमि के सुव्यवस्थित बंदोबस्त, लंबे समय से बसे दइतापति, नियोग, सेवायतों और मठों को भूमि प्रदान करने संबंधी नीति में संशोधन पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रस्तावित संशोधन से वर्षों से रह रहे सेवायत व गैर-सेवायतों को सीधा लाभ मिलने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही श्रीमंदिर के राजस्व संग्रह को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया।

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    बैठक में यह भी तय किया गया कि श्रीजगन्नाथ के नाम पर दर्ज बहुमूल्य संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कर उन्हें सर्वोच्च मूल्य पर आवंटित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि मंदिर की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। इसके साथ ही श्रीमंदिर से जुड़े प्राचीन कानून में आवश्यक संशोधनों पर भी विचार किया गया।

    सेवा-पूजा और मंदिर प्रबंधन को अधिक अनुशासित बनाने के लिए उप-समितियों के गठन, अव्यवस्थित आचरण पर रोक, निषिद्ध वस्तुओं के मंदिर परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध और सख्त दंड प्रावधानों पर सहमति बनी।

    बैठक में श्रद्धालुओं से मंदिर परिसर में मर्यादा बनाए रखने के लिए भारतीय परिधान पहनने को लेकर जागरूकता अभियान चलाने तथा श्रीजगन्नाथ संस्कृति के बारे में गलत सूचना फैलाने और इंटरनेट मीडिया पर दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के प्रावधानों पर भी चर्चा की गई।

    इस अवसर पर कानून विभाग द्वारा प्रकाशित डायरी का मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने विमोचन किया। बैठक में प्रमुख शासन सचिव डॉ. पवित्र मोहन सामल, विशेष शासन सचिव भगवान प्रसाद साहू, अतिरिक्त शासन सचिव शिव प्रसाद महापात्र, संयुक्त शासन सचिव अंशुमान महांति, राजस्व विभाग के अतिरिक्त शासन सचिव अमीय कुमार और संयुक्त शासन सचिव प्रदीप कुमार साहू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।