श्रीलंका से ओडिशा पहुंचे लाखों ऑलिव रिडले कछुए, गंजाम में सामूहिक प्रजनन की तैयारी; नो-फिशिंग जोन घोषित
श्रीलंका से दुर्लभ ऑलिव रिडले कछुए ओडिशा के गंजाम तट पर ऋषिकुल्या नदी मुहाने पहुंच गए हैं। बरहमपुर वन विभाग ने सुरक्षा कड़ी कर दी है और 20 किलोमीटर क् ...और पढ़ें

ओडिशा पहुंचे लाखों ऑलिव रिडले कछुए
शेषनाथ राय, भुवनेश्वर। श्रीलंका से यात्रा शुरू कर दुर्लभ ऑलिव रिडले कछुए ओडिशा के तट पर पहुंच चुके हैं। गंजाम जिले के ऋषिकुल्या नदी मुहाने के नीले समुद्र में कछुओं का मिलन उत्सव जारी है।इसे देखते हुए बरहमपुर वन विभाग की ओर से इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।आने वाले फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह में अंडे देने की संभावना जताई जा रही है।
कछुए समुद्र तट से लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में विचरण कर रहे हैं। इसी कारण आर्यपल्ली से प्रयागी तक लगभग 20 किलोमीटर क्षेत्र को ‘नो-फिशिंग जोन’ घोषित किया गया है।अंडे देने से पहले नियमित अंतराल पर समुद्र तट की सफाई की जा रही है।
प्रयागी से सोनपुर तक लगभग 58 किलोमीटर लंबा समुद्र
ऋषिकुल्या नदी मुहाने से लगे समुद्र तट को ऑलिव रिडले कछुओं ने सामूहिक अंडा देने के लिए सुरक्षित स्थल के रूप में चुना है। गंजाम तट पर प्रयागी से सोनपुर तक लगभग 58 किलोमीटर लंबा समुद्र तट है, जहां ऋषिकुल्या मुहाने के दोनों ओर कछुए अंडे देते हैं।
ऋषिकुल्या समुद्री कछुआ संरक्षण समिति के सचिव रवींद्रनाथ साहू के अनुसार, हर साल लाखों कछुए श्रीलंका तट से ओडिशा तट पर आते हैं, जिसमें उन्हें लगभग 27 दिन लगते हैं। नवंबर से अप्रैल तक करीब छह महीने उनका प्रजनन काल माना जाता है। शेष छह महीने वे श्रीलंका तट पर रहते हैं।
नवंबर से जनवरी तक ऑलिव रिडले कछुओं का मिलन होता है। मकर संक्रांति के बाद सूर्य के उत्तरायण होने से ठंड कम होने लगती है और दक्षिणी हवाएं चलने लगती हैं।मिलन के बाद मादा कछुए धीरे-धीरे समुद्र के भीतर, तट से लगभग 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर तैरती अवस्था में रहती हैं।अंडा देने के लिए अनुकूल तापमान मिलने पर मादा कछुए समुद्र तट की ओर आती हैं और इसके बाद सामूहिक अंडा देने की प्रक्रिया शुरू होती है।
वर्ष 2024-25 में बना रिकॉर्ड
वर्ष 2024-25 में लगभग 9 लाख कछुओं ने सामूहिक अंडा दिया, जो अब तक का एक रिकॉर्ड है। 2023-24 में करीब 2 लाख कछुओं ने अंडा दिया था जबकि 2022-23 में गंजाम ब्लॉक के पोडमपेटा से बटेश्वर तक बने रेतीले तट पर 6 लाख 37 हजार कछुओं ने सामूहिक अंडा दिया था।
इस वर्ष मौसम अनुकूल रहा तो एक बार फिर ऋषिकुल्या मुहाने के पास लाखों कछुओं के एकत्र होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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