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    आस्था और उत्साह के साथ ओडिशा में नववर्ष 2026 का स्वागत, पुरी में लाखों श्रद्धालुओं ने लिया जगन्नाथ का आशीर्वाद

    By SHESH NATH RAIEdited By: Nishant Bharti
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 11:04 AM (IST)

    ओडिशा ने नववर्ष 2026 का स्वागत आस्था, उत्साह और कड़ी सुरक्षा के बीच किया। हजारों लोगों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की और पहले सूर्योदय के साक्षी बने। प ...और पढ़ें

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    आस्था और उत्साह के साथ ओडिशा में नववर्ष 2026 का स्वागत

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में नववर्ष 2026 का स्वागत गहरी आस्था, उत्सवी माहौल और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच किया गया।वर्ष के पहले सूर्योदय का साक्षी बनने और नववर्ष का स्वागत आशा व उत्साह के साथ करने के लिए सुबह से ही हजारों लोग घरों से बाहर निकले और पूजा-अर्चना की।

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    राज्य भर के मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर तड़के से ही श्रद्धालुओं की कतारें देखने को मिलीं। लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और आध्यात्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से 2025 को विदा कर 2026 का स्वागत किया।परिवार और मित्रों के बीच नववर्ष की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान हुआ, वहीं इंटरनेट मीडिया और स्मार्टफोन शुभेच्छा संदेशों से गुलजार रहे, जो बदलते समय के साथ जुड़े रहने वाले उत्सवों की झलक पेश करता है।

    नववर्ष की भक्ति का केंद्र बना पुरी

    ओडिशा में नववर्ष उत्सव का केंद्र पवित्र नगरी पुरी रही, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ और उनके सहोदर देवताओं का आशीर्वाद लेने के लिए श्रीजगन्नाथ धाम का रुख किया।

    श्रद्धालुओं को नववर्ष के पहले दर्शन का अवसर देने के लिए श्रीजगन्नाथ मंदिर के पट तड़के 2 बजे खोल दिए गए, ताकि भक्त पूजा-अर्चना के बाद वर्ष के पहले सूर्योदय के साक्षी बन सकें।

    भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर में प्रवेश केवल सिंहद्वार से ही दिया गया, जबकि दर्शन बाहरी काठ से कराए गए।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़दांड पर मोबाइल फोन और जूते-चप्पल रखने हेतु अस्थायी काउंटर भी लगाए गए।

    मंदिर नगरी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

    पुरी में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। अठरनला से लेकर समुद्र तट तक कड़ी निगरानी रखी गई, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। शहर भर में करीब 70 प्लाटून पुलिस बल की तैनाती की गई, वहीं यातायात और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम पूरे दिन लागू रहे।

    वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए थे, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनी रहे।श्रद्धालुओं के अनुशासित व्यवहार और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से उच्च भीड़ के बावजूद व्यवस्था बनी रही।

    जैसे ही ओडिशा ने 2026 में कदम रखा, नववर्ष की शुरुआत प्रार्थना, शांति और उम्मीदों के साथ हुई। भगवान जगन्नाथ में आस्था रखते हुए श्रद्धालुओं ने नए संकल्प लिए और राज्य के नागरिकों ने आने वाले वर्ष के लिए नई आकांक्षाओं और उम्मीदों को अपनाया।