हीराकुंड बांध के 14 गेट खोले जाने से रौद्र रूप में महानदी, कई जिलों में मंडराया बाढ़ का खतरा; प्रशासन अलर्ट
ओडिशा में हीराकुंड बांध से पानी छोड़े जाने की वजह से महानदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रहा है। इससे महानदी तट के आस-पास बसे जिलों के निचले भागों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि इसे लेकर कई जिलों के प्रशासन को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि हीराकुंड बांध के14 गेट खोलकर पानी छोड़े जा रहे हैं।

संवाद सूत्र, संबलपुर/भुवनेश्वर: हीराकुंड बांध के 14 गेट खोलकर महानदी में छोड़े जा रहे पानी से महानदी तट के आस-पास के जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है।
बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों से ना केवल हीराकुंड बांध के ऊपरी मुहाने, बल्कि निचले मुहाने पर भी भारी बारिश की वजह से यह खतरा पैदा हो सकता है।
महानदी की शाखा नदियों और नालों का पानी निचले इलाकों में खतरा बन सकता है। इसे लेकर संबलपुर समेत सोनपुर, बऊद, नयागढ़ और कटक जिला प्रशासन को खास तौर पर अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।
बुधवार को खोले गए थे दो गेट
गुरुवार को हीराकुंड बांध नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर तक हीराकुंड बांध के जलभंडार का जलस्तर अपने अधिकतम क्षमता 630 फुट तक पहुंच जाने के बाद बांध का दो गेट खोला गया था, लेकिन ऊपरी मुहाने पर भारी बारिश को देखते हुए गुरुवार की सुबह और आठ गेट खोले गए।
वहीं, उसी दिन दोपहर के समय और चार गेट खोलने पड़े। फिलहाल, बांध के बायीं तरफ के नौ और दाईं तरफ के पांच गेटों से महानदी में पानी छोड़ा जा रहा है।
गुरुवार को जलस्तर 628.58 फुट किया गया था दर्ज
बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम छह बजे तक बांध के जलभंडार का जलस्तर 628.58 फुट रिकॉर्ड किया गया।
इस दौरान बांध के जलभंडार में प्रति सेकंड 2 लाख 19 हजार 334 घनफुट पानी प्रवेश कर रहा था, जबकि बांध के 14 गेट से प्रति सेकंड 2 लाख 67 हजार 069 घनफुट पानी महानदी में छोड़ा जा रहा था।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार की सुबह से लेकर गुरुवार की सुबह तक बांध के ऊपरी मुहाने पर 36.71 मिमी और निचले मुहाने पर 67.04 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
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