ओडिशा विधानसभा में फिर उठा नव दास हत्या का मामला, सलूजा ने की सुशांत सिंह को जांच के दायरे में लाने की मांग
नव दास की हत्या की घटना के 30 दिन पूरे होने जा रहे हैं लेकिन अब तक मामले का खुलासा होना तो दूर अब तक कोई सुराग तक हाथ नहीं लगा है। ऐसे में मामले की कमान अब सीबीआई या एसआईटी को देने की मांग उठी है।

जासं, भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा में सोमवार को कांग्रेस विधायक संतोष सिंह सलूजा ने मांग की है कि बीजू जनता दल (बीजद) के विधायक सुशांत सिंह को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री नव दास की हत्या के मामले में जांच के दायरे में लाया जाए। सलूजा ने विधानसभा में शून्यकाल के दौरान यह मांग की जब नव दास की हत्या का मुद्दा उठाया गया।
क्राइम ब्रांच की जांच पर भरोसा नहीं: सलूजा
उन्होंने कहा, नव दास हत्या की घटना को 30 दिन पूरे होने जा रहे हैं, मगर अपराध शाखा को अभी तक कोई सुराग तक नहीं मिला है। नव दास की हत्या क्यों की गई, क्राइम ब्रांच यह भी पता नहीं लगा पायी है। मंत्री की हत्या के पीछे राजनीतिक या व्यवसायिक मकसद है वह भी स्पष्ट नहीं हुआ है। मुझे अपराध शाखा की जांच पर भरोसा नहीं है। कांग्रेस विधायक ने सवाल करते हुए कहा कि खाकी की जांच खाकी कैसे करेगी, ऐसे में मामले की जांच एसआईटी से कराई जानी चाहिए।
सुशांत सिंह को जांच के दायरे में लाया जाए: सलूजा
कांग्रेस विधायक सलूजा ने कहा कि वहां (झारसुगुडा में) अब नव के साम्राज्य पर कब्जा करने के लिए हंगामा किया जा रहा है। विधायक सुशांत सिंह और नव दास के गुट के बीच हंगामा हो रहा है इसलिए विधायक सुशांत सिंह को जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए।
हत्या की सीबीआइ जांच कराने की उठी मांग
इस बीच कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद बाहिनीपति ने कहा कि नव दास की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है। क्राइम ब्रांच जो जांच कर रही है, उस पर लोग विश्वास नहीं कर रहे हैं। गोपाल पागल है या नहीं, इसकी सिर्फ जांच की जा रही है। हालांकि, गोपाल ने मंत्री की हत्या क्यों की, इसकी जांच नहीं हो पा रही है।
तारा प्रसाद वाहिनी पति ने गृह राज्य मंत्री को नियमित आधार पर विधानसभा में तथ्य रखने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है। वहीं भाजपा विधायक सुभाष पाणिग्रही ने पूर्व मंत्री नव दास की हत्या का मुद्दा उठाया और सीबीआई जांच की मांग की।
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