भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। IAS officer Binay Ketan Upadhyay arrested. सतर्कता विभाग के जाल में आइएएस अधिकारी विजय केतन उपाध्याय फंस गए हैं। राज्य सरकार के उद्यान विभाग के निदेशक विजय केतन उपाध्याय को सोमवार को एक लाख रुपए घूस लेते समय रंगे सतर्कता विभाग ने दबोचा है। एक आइएएस अधिकारी के घूस लेते हुए पकड़े जाने की घटना सरकारी अधिकारी महकमे में चर्चा का केंद्र बन गई है। एक व्यक्ति से बिल पास कराने के लिए वह एक लाख रुपए घूस ले रहे थे, तभी सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने उन्हें दबोच लिया।

सीएम ने आइएएस को किया निलंबित

घूस लेने के आरोप में सतर्कता विभाग द्वारा पकड़े गए 2009 बैच के आइएएस अधिकारी विजय केतन उपाध्याय को राज्य सरकार ने नौकरी से निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उद्यान कृषि विभाग के निदेशक उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा है कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी को भी को छोड़ा नहीं जाएगा। स्वच्छता ही सरकार का मुख्य स्तंभ है।

जानें, क्या है मामला

जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार के मेरी सरकार योजना के आधार पर विभिन्न विभाग के कार्यकारिता को लेकर लोगों की राय लिए जाने के समय पता चला था कि उद्यान विभाग में बड़े पैमाने पर घूसखोरी की जा रही है। यहां तक कि इस घूसखोरी कारोबार में खुद निदेशक के भी शामिल होने की सूचना थी। इसके बाद उपरोक्त सूचना के आधार पर सतर्कता विभाग को उचित कदम उठाने के लिए निर्देश दिया गया था। पिछले 10 दिन से सतर्कता विभाग कृषि विभाग के अंतर्गत आने वाले उद्यान निदेशालय के ऊपर पैनी नजर रखे हुए था। हालांकि संदर्भ में अभी तक सतर्कता विभाग की तरफ से कोई सूचना जारी नहीं की गई है।

सतर्कता विभाग की टीम आईएएस अधिकारी उपाध्याय के घर एवं अन्य ठिकानों पर छापामारी कर रही है। विजय केतन के बालेश्वर स्थित घर एवं दफ्तर पर एक साथ छापामारी किए जाने की सूचना है। इसके साथ ही उपाध्याय के ससुर एवं भाई के घर पर भी सतर्कता विभाग की टीम ने छापामारी किया है। इस छापामारी के लिए कटक से दो अतिरिक्त टीम भेजी गई है।

गौरतलब है कि 2009 बैच के आइएएस अधिकारी विजय केतन उपाध्याय इससे पहले कालाहांडी, जगतसिंहपुर का जिलाधीश एवं जल संसाधन विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव के तौर पर अपना दायित्व निभा चुके हैं। ऐसे में इतने बड़े वरिष्ठ अधिकारी के घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने की घटना ने वरिष्ठ अधिकारियों के बीच चर्चा का केंद्र बन गई है।

प्रसव के लिए आई महिला के पति से घूस लेने के मामले में स्टाफ नर्स व स्वीपर निलंबित

सुवर्णपुर जिला मुख्य चिकित्सालय में प्रसव के लिए आई महिला के पति से घूस लेने के मामले में जिलाधीश ने कार्रवाई की है। जिलाधीश मीनाक्षी बनर्जी ने इस मामले में एक स्टाफ नर्स व स्वीपर को निलंबित कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, बौद्ध इलाके के रमेश बाघ की पत्नी प्रसव के लिए पिछले शनिवार को अस्पताल आयी थी। अस्पताल गेट के पास ही उनकी पत्नी को प्रसव हो गया। महिला के पति ने अस्पताल के कर्मचारियों को बुलाकर मां व बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया। पास में पैसा नहीं होने से रमेश ने 500 रुपये देने के साथ बाकी रुपये बकरी बेचकर देने को कहा था।

इस घटना का वी़डियो वायरल होने पर रविवार को सुवर्णपुर जिलाधीश ने मुख्य अस्पताल पहुंचकर घटना की छानबीन की। घटना की जांच करने के बाद सच्चाई जानने के बाद जिलाधीश ने उपरोक्त कार्रवाई की है। जिलाधीश ने घटना में संलिप्त स्टाफ नर्स भाग्यवती तथा एक स्वीपर कौसल्या बाग को निलंबित कर दिया है। इस घटना में संलिप्त एक अन्य स्वीपर सस्मिता महारणा को जिलाधीश ने निकालने की सिफारिश की है। 

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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