भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। Jayanti Patnaik Death: राष्ट्रीय महिला आयोग (National Women Commission) की पहली अध्यक्ष, कटक एवं बरहमपुर लोकसभा सीट की पूर्व सांसद, राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष तथा ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री जानकी बल्लभ पटनायक (Former Chief Minister Janaki Ballabh Patnaik) की पत्नी जयंती पटनायक का बुधवार रात को निधन हो गया है।

मृत्यु के समय उनकी उम्र 90 साल थी। उनके निधन पर राज्यपाल प्रोफ़ेसर गणेशी लाल (Governor Prof Ganeshi Lal) तथा ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (CM Naveen Patnaik), प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शरद पटनायक, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निरंजन पटनायक, विधायक सौम्य रंजन पटनायक, विधायक सुरेश राउतराय के साथ कई विशिष्ट नेताओं ने शोक प्रकट किया है।

पुरी में होगा स्व.जयंती पटनायक का अंतिम संस्कार

पूर्व सांसद जयंती पटनायक का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुरी स्वर्गद्वार में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले आज सुबह से ही भुवनेश्वर स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए राजनेताओं की भारी भीड़ देखने को मिली है।

जानकारी के मुताबिक स्व. पटनायक के पार्थिव शरीर को सुबह साढ़े दस बजे कांग्रेस भवन लाया जाएगा। यहां पर पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जयंती को अंतिम विदाई देंगे। इसके बाद एक जुलूस में उनके पार्थिव शरीर को पुरी ले जाया जाएगा।

ओडिशा की राजनीति की प्रभावशाली नेता

स्व. जयंती पटनायक एक कुशल राजनेता के साथ ही साहित्यकार, अनुवादक एवं सुंदर वक्ता थी। ओडिशा की राजनीति में नंदनी शतपथी के बाद जयंती पटनायक दूसरी सर्वाधिक प्रभावशाली महिला नेता के तौर पर खुद को प्रतिष्ठित किया था। स्व. जयंती पटनायक का जन्म 7 अप्रैल 1932 में गंजाम जिले के आशिका में हुआ था।

जानकी पटनायक की शिक्षा व राजनीतिक करियर 

शैलबाला महिला महाविद्यालय एवं उत्कल विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद वह मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस से सामाजिक विज्ञान में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की थी।

1953 में जानकी बल्लभ पटनायक के साथ उनकी शादी हुई। 1980 चुनाव एवं 1985 चुनाव में कटक लोकसभा सीट से वह संसद के लिए निर्वाचित हुई। इसके बाद 1998 में वह बरहमपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीती थी।

देश की पहली महिला आयोग अध्यक्ष

प्रदेश की राजनीति के अलावा स्वर्गीय पटनायक राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी सांगठनिक कौशल को प्रतिष्ठित किया था। राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष के तौर पर 1988 से 1990 तक आपने सफलता के साथ कार्य किया। देश की पहली महिला आयोग अध्यक्ष बनने का गौरव जयंती पटनायक के नाम पर है।

1992 से 1995 तक वह राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रही। जयंती पटनायक लंबे समय तक पौरुष पत्रिका की संपादक थी तथा अनेक पुस्तक को ओडिआ में अनुवाद किया था।

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Edited By: Babita Kashyap

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