Odisha News: 1,000 करोड़ रुपये के क्रिप्टो-पोंजी घोटाले में एक और गिरफ्तार, झारखंड से ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया ओडिशा
EOW द्वारा झारखंड के धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र से सुशील कुमार टुडू को गिरफ्तार कर तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर ओडिशा लाया गया है और शुक्रवार को ओपीआईडी कोर्ट कटक के समक्ष पेश किया जाएगा। इससे पहले ईओडब्ल्यू ने इंडिया हेड गुरतेज सिद्धू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था जबकि हंगरी के नागरिक डेविड गीज समेत चार अन्य के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है।
संतोष कुमार पांडेय, अनुगुल। ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 1,000 करोड़ रुपये के एसटीए टोकन क्रिप्टो-पोंजी घोटाले में मुख्य आरोपी के करीबी सहयोगियों में से एक को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों द्वारा बुधवार को झारखंड के धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र से सुशील कुमार टुडू को गिरफ्तार कर तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर ओडिशा लाया गया है और शुक्रवार को ओपीआईडी कोर्ट, कटक के समक्ष पेश किया जाएगा।
तीन आरोपित पहले ही हो चुके गिरफ्तार
इससे पहले, ईओडब्ल्यू ने इंडिया हेड गुरतेज सिद्धू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि हंगरी के नागरिक डेविड गीज समेत चार अन्य के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है। सुशील कुमार संदिग्ध कंपनी, एसटीए (सोलर टेक्नो एलायंस) के संस्थापक सदस्य और झारखंड प्रमुख हैं, जिसे सितंबर 2021 में लॉन्च किया गया था।
पिरामिड संरचना और मल्टी लेवल मार्केटिंग बेस पर संचालित कंपनी ने ओडिशा सहित देश के कई राज्यों में लाखों लोगों को अपनी क्रिप्टोकरेंसी-आधारित पोंजी योजनाओं में आकर्षक रिटर्न का वादा करके निवेश करने के लिए प्रेरित करके 1000 करोड़ रुपये एकत्र किए।
आरोपी सुशील कुमार मुख्य आरोपी और एसटीए के भारत प्रमुख गुरतेज सिंह का तत्काल डाउन लाइन सदस्य है और ओडिशा के राज्य प्रमुख निरोद कुमार दास का तत्काल अप लाइन सदस्य है। निरोद जब पहली बार फेसबुक पर सुशील से मिला जिसने उसे एसटीए की क्रिप्टो-पोंजी योजनाओं में निवेश करने के लिए राजी किया।
निरोद ने दिया 1000 से अधिक लोगों को निवेश का लालच
बाद में निरोद ने ओडिशा के 1,000 से अधिक लोगों को पोंजी योजनाओं में निवेश करने का लालच दिया। जालसाजों ने राज्य के भद्रक, बालेश्वर, भुवनेश्वर, मयूरभंज, जाजपुर, केंद्रपाड़ा और केंदुझर जिलों में लोगों से इस पोंजी योजना के माध्यम से 30 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की।
ईओडब्ल्यू सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान हमने पाया कि संस्थापक सदस्य होने के नाते सुशील कुमार ने ओडिशा और झारखंड के विभिन्न जिलों में हजारों डाउन लाइन सदस्यों को अपने अधीन कर लिया। उसने डाउन लाइन के सदस्यों से अवैध रूप से एकत्र की गई राशि में से 4 करोड़ रुपये से अधिक अर्जित किए हैं। वह प्रति दिन 80,000 रुपये कमाता था।
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने यह भी पता लगाया कि सुशील कुमार धोखाधड़ी की रकम का उपयोग करके बड़ी संपत्ति हासिल करने में कामयाब रहा था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आगे यह पाया गया कि वह क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट के नाम पर समान मोडस ऑपरेंडी को अपनाकर धोखाधड़ी करने वाले विभिन्न समूहों का सदस्य भी है। ये समूह स्ट्राइकर प्रो, बीटा ग्लोबल डेवलपमेंट टीम, बुलेटो क्रिप्टो मशीन, वेलबे 24 899, एमई 300 बाइनरी इनकम प्रति दिन, 3000 कपिंग और कई अन्य हैं। जांच के दौरान, उनके बैंक खातों में पड़ी 15.53 लाख रुपये की राशि फ्रीज कर दी गई है।
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