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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

IS के खात्‍मे के लिए ट्रंप ने नेशनल सिक्‍योरिटी टीम से मांगा फुलप्रुफ प्‍लान

By Kamal VermaEdited By:
Published: Tue, 31 Jan 2017 01:21 PM (IST)Updated: Tue, 31 Jan 2017 03:03 PM (IST)

आईएस के खिलाफ अमेरिका ने कठोर कार्रवाई करने की बात कही है। इसके लिए डोनाल्‍ड ट्रंप ने नेशनल सिक्‍योरिटी काउंसिल से एक प्‍लान भी मांगा है।

IS के खात्‍मे के लिए ट्रंप ने नेशनल सिक्‍योरिटी टीम से मांगा फुलप्रुफ प्‍लान
IS के खात्‍मे के लिए ट्रंप ने नेशनल सिक्‍योरिटी टीम से मांगा फुलप्रुफ प्‍लान

वाशिंगटन (पीटीआई)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंंप ने दुनियाभर में आतंकी का पर्याय बने इस्लामिक स्टेट को हराने और खत्म करने की प्रतिबद्धत्ता दोहराई है। ट्रंप ने कहा है कि वह इसके लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने पत्राकारों को इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह ही इस बााबत राष्ट्रपति ने एक आदेश पर साइन किए हैंं। इसके तहत उन्होंने नेशनल सिक्योरिटी टीम से 30 दिनों के अंदर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट को खत्म करने फुलप्रुफ प्लान मांगा है।

इसके तहत न सिर्फ प्लान तैयार करने की बात उन्होंने नेशनल सिक्योरिटी टीम को कही है बल्कि साथ ही इस बाबत नीतियों में बदलाव को लेकर भी वह पूरी तरह से तैयार हैं। सीन नेे बताया कि अमेरिका का मकसद आईएस का पूरी तरह से खात्मा करना है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति बनने से पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात का जिक्र किया था कि वह पद संभालते ही आईएस का खात्मा करने का काम करेंगे।

ट्रंप और पुतिन आइएस के खिलाफ एकजुट

पिछले दिनों रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हुई बात में उन्होंने आईएस के बढ़ते प्रभाव के साथ-साथ इसको खत्म करने के लिए एक साथ काम करने की इच्छा जताई थी। इसकी जानकारी देेते हुए दोनों राष्ट्राध्यक्षों के आधिकारिक प्रवक्ताओं ने बताया था कि दोनों देश इस्लामिक संगठन को खत्म करने के लिए एकजुट होकर लड़ने को तैयार हैं।

इसके अलावा रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावलोव ने सोमवार को कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के आधार पर रूस और अमेरिका के बीच आईएस का संयुक्त रूप से मुकाबला करने की अनंत संभावनाओं मौजूद हैं। लावलोव ने कहा कि पिछले वर्ष रूस और अमेरिका ने सीरिया में एक संयुक्त कार्यान्वयन केंद्र की स्थापना करने पर विचार-विमर्श किया था, लेकिन ओबामा प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। लिहाजा इस पर आगे नहीं बढ़ा जा सका था।

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