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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अलेप्पो पर बमबारी खत्म करने वाले प्रस्ताव को रूस ने वीटो लगाकर रोका

By Atul GuptaEdited By:
Published: Sun, 09 Oct 2016 06:11 PM (IST)Updated: Sun, 09 Oct 2016 06:27 PM (IST)

' फ्रांस के प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विरोध में वेनेजुएला और रूस ने वोट डाले। जबकि चीन और अंगोला अनुपस्थित रहे।

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संयुक्त राष्ट्र, रायटर । संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीरिया के अलेप्पो पर जारी बमबारी खत्म करने के लिए फ्रांस की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर रूस ने वीटो लगा दिया है। इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अमेरिका और ब्रिटेन ने रूस पर गंभीर आरोप लगाए।

फ्रांस ने शनिवार को सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पेश किया। इसमें अलेप्पो में हवाई हमले और सैन्य कार्रवाई रोकने के अलावा रूस व अमेरिका के बीच नौ सितंबर को हुए संघर्ष विराम पर ध्यान केंद्रित करने की मांग की गई थी। चर्चा के दौरान ब्रिटेन के राजदूत मैथ्यू रेक्राफ्ट ने अपने रूसी समकक्ष विटाली चुर्किन से कहा, 'रूस और सीरियाई शासन की बमबारी में अलेप्पो में लोग जान गंवाते रहेंगे। अब इसे बंद कर दें।'

सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के बल रूसी लड़ाकू विमानों और ईरान के सहयोग से अलेप्पो पर नियंत्रण पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। विद्रोहियों के कब्जे वाले इस शहर में ढाई लाख से अधिक नागरिक फंसे हुए हैं। अमेरिका के उप राजदूत डेविड प्रेसमैन ने परिषद से कहा, 'रूस अलेप्पो में आतंक का मुखिया बन गया है।

' फ्रांस के प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विरोध में वेनेजुएला और रूस ने वोट डाले। जबकि चीन और अंगोला अनुपस्थित रहे। सीरिया में पांच साल से जारी संघर्ष के दौरान सुरक्षा परिषद में लाए गए प्रस्ताव पर रूस ने पांचवीं बार वीटो का इस्तेमाल किया। इसके पहले चार बार सुरक्षा परिषद की कार्रवाई से सीरियाई सरकार को बचाने के लिए चीन ने मास्को के प्रयास का समर्थन किया था।

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