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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आतंकी गुटों को पनाह देने से बचें देशः राजनाथ

By Sachin kEdited By:
Published: Wed, 05 Nov 2014 08:58 PM (IST)Updated: Wed, 05 Nov 2014 10:01 PM (IST)

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मोनाको में इंटरपोल की 83वीं महासभा के संबोधन में पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला। उन्होंने ...और पढ़ें

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मोनाको। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मोनाको में इंटरपोल की 83वीं महासभा के संबोधन में पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला। उन्होंने संगठित अपराधियों व आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ दुनिया के सभी देशों को साथ आने को कहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नक्शेकदम पर चलते हुए राजनाथ सिंह ने महासभा को हिंदी में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के देशों को आतंकी गतिविधियों को प्रायोजित करने, उसे भड़काने, उन्हें सुविधा देने, आर्थिक मदद देने, प्रोत्साहित करने या फिर सहन करने से बचना चाहिए।

आतंकवाद पर पश्चिमी देशों के रुख पर उन्होंने कहा कि पश्चिम देशों ने आतंक का दर्द तब जाना, जब 9/11 जैसी आतंकी वारदात हुई। भारत इस दंश को 1980 के दशक से झेल रहा है। राजनाथ का बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी रक्षा विभाग ने संसद को बताया है कि पाकिस्तान भारतीय सेना का सामना करने के लिए आतंकी गुटों का इस्तेमाल कर रहा है।

राजनाथ सिंह ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ब्रिक्स सम्मेलन में कहा था कि उन देशों पर सामूहिक दबाव बनाने की जरूरत है, जो आतंकियों को सहयोग और शरण दे रहे हैं। उन्होंने इंटरपोल के 100 साल पूरे होने पर बधाई दी और कानून प्रवर्तन की दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग में योगदान की सराहना की।

दंगे भड़काने में हो रहा इंटरनेट का इस्तेमालः

राजनाथ ने कहा कि कुछ साल से देश में अस्थिरता बढ़ाने के लिए इंटरनेट व सोशल मीडिया का इस्तेमाल दंगे भड़काने में हो रहा है। इंटरपोल के शताब्दी वर्ष जैसे महत्वपूर्ण मौके पर हमें साइबर अपराध के खिलाफ रणनीति को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गतिविधियों के दायरे में बेहिसाब वृद्धि हुई है। वैश्वीकरण व सीमा पार से हो रहे आर्थिक लेन-देन के चलते अंतरराष्ट्रीय अपराध समूह वैश्विक स्तर पर विस्तार करने में सक्षम हो गए हैं।

भ्रष्टाचार के खिलाफ हो सशक्त कानूनः

गृहमंत्री सिंह ने पुलिस व न्यायिक तंत्र को वर्तमान चुनौतियों के अनुरूप बदलने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुराने हो चुके कानूनों को खत्म कर देना चाहिए। इसके बदले भ्रष्टाचार और बेईमानी से कमाए धन की वसूली व जब्ती के लिए एक प्रभावी कानून की जरूरत है।

महत्वपूर्ण सहयोगी है भारत : इजरायलः

यरुशलम। गृहमंत्री राजनाथ सिंह की यात्रा को लेकर इजरायल उत्साहित है। इजरायल के एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि भारत हमारे लिए महत्वपूर्ण सहयोगी है और हमारे लिए गृहमंत्री की यात्रा बहुत अहम है। हम दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय चर्चा की उम्मीद करते हैं। राजनाथ यहां इजरायली राष्ट्रपति र्यूवेन रिवलिन, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री मोशे यालोन से मुलाकात करेंगे।

पहले यह मुलाकात बुधवार को होनी थी थी लेकिन कुछ तकनीकी समस्याओं के चलते यात्रा को टालना पड़ा। अब यह मुलाकात गुरुवार को होगी। राजनाथ के दौरे को यूएन महासभा में मोदी और नेतन्याहू की मुलाकात की अगली कड़ी माना जा रहा है। जून 2000 में आडवाणी के बाद राजनाथ इजरायल आने वाले पहले गृहमंत्री हैं।

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