बीजिंग, प्रेट्र : चीन ने संयुक्त राष्ट्र में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध के लिए भारत के आवेदन पर दूसरी बार विरोध करने के अपने फैसले को सही ठहराया है। उसने कहा है कि भारत के आवेदन को लेकर अलग-अलग राय जताई गई हैं। उसके इस फैसले से संबंधित पक्षों को विचार-विमर्श के लिए और समय मिल जाएगा।

प्रतिबंध के विरोध को लेकर भारत की निंदा पर चीन के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को यह प्रतिक्रिया जताई। भारत ने दूसरी बार प्रतिबंध के विरोध पर कहा था कि इससे खतरनाक संदेश जाएगा। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की आतंक विरोधी समिति में दिए गए आवेदन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के अनुरूप होना चाहिए।

गौरतलब है कि 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में केवल चीन ने ही मसूद अजहर पर प्रतिबंध का विरोध किया। चीनी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, तकनीकी आधार पर प्रतिबंध को रोकने से इस मामले में समिति को चर्चा करने और संबंधित पक्षों को विचार-विमर्श करने के लिए और समय मिल जाएगा। संबंधित पक्षों के विचार-विमर्श से उसका आशय भारत और पाकिस्तान में बातचीत से है।

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चीनी विदेश मंत्रालय ने साथ ही कहा कि चीन हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ है। वह आतंकवाद से निपटने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग के पक्ष में है। उसने कहा कि चीन का हमेशा से रुख रहा है कि आतंकवाद विरोधी समिति में मामले को बगैर भेदभाव और ठोस सुबूतों के साथ रखना चाहिए।

अब गोवा में 15-16 अक्टूबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की बातचीत में मसूद का मुद्दा उठने की उम्मीद है। गौरतलब है कि पठानकोट आतंकी हमले के बाद मसूद पर प्रतिबंध के लिए भारत के आवेदन पर चीन ने छह महीना पहले भी तकनीकी आधार पर रोक लगा दी थी। इस सप्ताह दूसरी बार उसने रोक को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है।

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Posted By: Rajesh Kumar

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