कराची। कराची हवाईअड्डे को 13 घंटों की मुठभेड़ के बाद सोमवार दोपहर आतंकियों के चंगुल से मुक्त करा लिया गया। तालिबानी आतंकियों के साथ चली इस मुठभेड़ में सभी 10 आतंकियों समेत कुल 29 लोगों की मौत हो गई। मारे गए आतंकी उजबेकी मूल के बताए जा रहे हैं। अपने सबसे बड़े हवाईअड्डे पर आतंकी हमले के कारण पाकिस्तान को सभी फ्लाइट रोकनी पड़ीं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी शर्मिदगी उठानी पड़ी। इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए आतंकी गुट तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रवक्ता शहीदुल्लाह शहीद ने कहा कि यह पाकिस्तानी सरकार को संदेश है कि हम अब भी अपने गांवों में हुए बम हमलों में मरने वाले निर्दोष लोगों की मौत का बदला लेने के लिए जिंदा हैं। उसने कहा कि हमला अमेरिकी ड्रोन हमले में हुई पूर्व टीटीपी प्रमुख हकीमुल्ला महसूद की मौत का बदला भी है।

पांच-पांच के दो समूहों में आतंकियों ने रविवार देर रात कराची एयरपोर्ट पर हमला किया था। मिलिट्री की वेशभूषा में ग्रेनेड, मशीनगन और रॉकेट लांचर से लैस आतंकियों से निपटने के लिए सेना, एयरपोर्ट सिक्योरिटी फोर्स, पैरामिलिट्री रेंजर्स और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। आतंकियों के साथ 13 घंटे तक लगातार चली मुठभेड़ के बाद सभी आतंकियों के मारे जाने की घोषणा की गई।

मुठभेड़ की समाप्ति पर पैरामिलिट्री रेंजर्स के प्रवक्ता सिबतेन रिजवी ने कहा कि हमने एयरपोर्ट को आतंकियों के चंगुल से मुक्त करा लिया है। मरने वालों में 10 आतंकियों के अलावा एएसएफ के 11 जवान, दो रेंजर अधिकारी, एक पुलिस अधिकारी और चार पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के कर्मचारी शामिल हैं। एक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है,जबकि 24 लोग घायल हो गए हैं। मारे गए आतंकियों के पास से उच्च स्तरीय मशीन गन और रॉकेट लांचर बरामद किए गए हैं।

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हमले को आतंकियों की कायराना हरकत करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह इस बात का एक और उदाहरण है कि आतंकी किस तरह से सरकार के महत्वपूर्ण संस्थानों को बरबाद करने की कोशिश में हैं, लेकिन मैं उन आतंकियों को बता देना चाहता हूं कि वे अपने मकसद में सफल नहीं हो सकते। उन्हें हमेशा हार का मुंह देखना होगा। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि हमारे लिए यही बहुत है कि हम विमानों को नष्ट होने से बचा सके। आतंकियों का इरादा विमानों को तबाह करना भी था। इस हमले के साथ ही तालिबान आतंकियों से बातचीत के जरिये समस्या समाधान के आसार पूरे तौर पर खत्म हो गए हैं।

सभी विमानों को खत्म करने का मंसूबा लेकर आए थे आतंकी

कराची। कराची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला कर आतंकी पाकिस्तान के पूरे नागरिक उड्डयन नेटवर्क को तबाह करना चाह रहे थे। हमले के बाद एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आतंकियों का मंसूबा हवाई अड्डे पर खड़े सभी विमानों को नष्ट करना था।

हवाई अड्डे पर हमले को लेकर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया है कि आतंकी दो अलग-अलग प्रवेश द्वार से हवाई अड्डे में दाखिल हुए और उनका इरादा सभी विमानों को खत्म करना था, लेकिन सुरक्षा बलों की मुस्तैदी ने उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी हमले का मकसद देश के नागरिक उड्डयन ढांचे को तबाह करना था। हवाई अड्डे के सुरक्षा बलों और रेंजर्स ने आतंकियों से लोहा लेने में अहम भूमिका अदा की।

घाव भरने वाले उपकरणों से लैस थे आतंकी

कराची। मुठभेड़ में ढेर आतंकियों के पास से बरामद सामग्री से ये साफ जाहिर है कि वे लंबे समय तक एयरपोर्ट को अपने कब्जे में रखने के इरादे से आए थे। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों के पास से एक्सस्टेट [फैक्सजियाट] उपकरण मिले हैं। इस उपकरण के इस्तेमाल से सिर्फ 15 से 20 सेकेंड में खून रोकना और गोली लगने से बने घाव को भरना संभव होता है। आतंकियों के पास से खाने-पीने की भी सामग्री मिली है।

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