क्या कोहिनूर हीरा भारत को वापस लौटाएगा UK? ब्रिटिश मंत्री ने दिया ये जवाब
ब्रिटेन की संस्कृति मीडिया और खेल मामलों की मंत्री लिसा नंदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाताक की। लिसा नंदी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत की यात्रा पर रहीं। लिसा नंदी के भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने नए सांस्कृतिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर भी किया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रिटेन की संस्कृति, मीडिया और खेल मामलों की मंत्री लिसा नंदी इस हफ्ते अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत के दौरे पर रहीं। हाल के दिनों में उन्होंने नई दिल्ली में शुक्रवार को भारत के संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह से मुलाकात की थी। बता दें कि लिसा नंदी के भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने नए सांस्कृतिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर भी किया।
इसके अलावा, यूनाइटेड किंगडम की संस्कृति, मीडिया और खेल मंत्री लिसा नंदी ने कोहिनूर हीरे को वापस करने की भारत की मांग के बारे में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि उनका देश सांस्कृतिक कलाकृतियों तक साझा पहुंच के संबंध में सहयोग करने के लिए भारत के साथ बातचीत कर रहा है।
क्या बोलीं लिसा नंदी?
दरअसल, समाचार एजेंसी एएनआई से बताचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हम काफी समय से यूनाइटेड किंगडम और भारत के बीच इस बारे में बातचीत कर रहे हैं कि हम किस तरह से एक दूसरे के साथ मिलकर काम कर सकते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यूनाइटेड किंगडम और भारत दोनों के लोग बहुत अलग युग की कई सांस्कृतिक कलाकृतियों से लाभ उठा सकें और उन तक उनकी पहुँच हो सके। यह एक ऐसी बात है जिस पर मैंने अपने समकक्ष के साथ चर्चा की है।
#WATCH | Delhi | On any communication between India & UK on 'Kohinoor', UK Secretary of State for Culture, Media and Sport, Lisa Nandy says," We've been talking between the UK and India for quite some time about the way that we think we can collaborate much more closely together… pic.twitter.com/Gn0ZPAjRBX
— ANI (@ANI) May 3, 2025
उन्होंने आगे कहा कि हमारा विज्ञान संग्रहालय समूह संयुक्त सहयोग, संयुक्त प्रदर्शनियों, विभिन्न वस्तुओं का दौरा करने, यह सुनिश्चित करने के लिए यहां राष्ट्रीय संग्रहालय विज्ञान संग्रहालय समूह के साथ काम कर रहा है कि भारत और यू.के. के लोग वास्तव में इससे लाभान्वित हो सकें। हमें लगता है कि यह एक मॉडल है कि हम अन्य सभी रचनात्मक उद्योगों में भी कैसे अधिक निकटता से सहयोग कर सकते हैं।
सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, यूके-भारत सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम का उद्देश्य कला और विरासत के माध्यम से दोतरफा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाना और दोनों देशों में रचनात्मक व्यवसायों और सांस्कृतिक संस्थानों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को प्रोत्साहित करना है।
दोनों देशों के बीच हुए समझौते में विरासत संरक्षण, संग्रहालय प्रबंधन और संग्रहों के डिजिटलीकरण पर सर्वोत्तम प्रथाओं और विशेषज्ञता का समर्थन करने के लिए भारत के साथ काम करने वाला यूके शामिल होगा। (इनपुट एएनआई और पीटीआई के साथ)
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