नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। Monsoon Latest Update: बंगाल की खड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र ने उत्तर भारत में असर दिखाना शुरू कर दिया है। निम्न दबाव क्षेत्र की वजह से मानसून की चाल तेज हो चुकी है। मानसून ने मंगलवार दोपहर राजस्थान में दस्तक दे दी है। अगले दो-तीन दिन में मानसून उत्तर भारत के आठ राज्यों को भिगोने के लिए बढ़ रहा है।

भारतीय मौसम विभाग के मौसम वैज्ञानिक नरेश के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों में अगले 72 घंटे में मानसून की झमाझम बारिश होने वाली है। उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिन में मानसून की अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। अगले चार-पांच दिनों में उत्तराखंड में भी बहुत अच्छी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस पूरे सप्ताह मुंबई समेत चार राज्यों में लगातार बारिश होने का अनुमान जताया है।

मालूम हो कि पिछले कुछ दिनों से मुंबई, ओडिशा और गुजरात में मानसून की बारिश बहुत से लोगों के लिए आफत बनी हुई है, दूसरी तरफ उत्तर भारत समेत देश के ज्यादातर इलाके में अब भी लोगों को राहत की बूंदों का इंतजार है। उत्तर भारत व देश के ज्यादातर राज्य अब भी लू और भीषण उमस का सामना कर रहे हैं। उधर, मानसून की वजह से मुंबई व झारखंड में कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। मौसम विभाग ने सात जुलाई तक मुंबई, ओडिशा, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई इलाकों में लगातार बारिश होने का अनुमान जताया है। 

मौसम विभाग व स्काईमेट के अनुसार मानसून बंगाल की खाड़ी से उठकर द्वारका, अहमदाबाद, भोपाल, जबलपुर, पेंड्रा, सुल्तानपुर, लखीमपुरी खेरी, मुक्तेश्वर होते हुए उत्तर भारत की तरफ बढ़ रहा है। साथ ही बंगाल की खाड़ी के उत्तर व आसपास के क्षेत्र जैसे उत्तरी ओडिशा, पश्चिमी बंगाल और बांग्लादेश के तटीय इलाकों व पश्चिम बंगाल के उत्तर-पश्चिम एरिया में एक निम्न दबाव क्षेत्र भी बन रहा है। अगले 24 घंटे में इसके और सघन होने की उम्मीद है। मानसून राजस्थान तक पहुंच चुका है और अगले दो-तीन दिन में इसके यूपी-दिल्ली समेत शेष भारत के ज्यादातर हिस्सों तक पहुंचने की उम्मीद  है।

जानें- कब कहां पहुंचेगा मानसून
निम्न दबाव क्षेत्र सघन होने से दक्षिण-पश्चिम में सक्रिय मानसून अगले दो दिन में मध्य भारत के शेष हिस्सों में पहुंच जाएगा। साथ ही पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों, पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मानसून एक से तीन जुलाई के मध्य दस्तक दे सकता है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम के शेष हिस्सों, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल के कुछ हिस्से में भी दो से चार जुलाई तक मानसून की बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से सघन हो रहे कम दबाव क्षेत्र से हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों में मौसम करवट लेगा।

ओडिशा में इस सप्ताह सीजन की सबसे ज्यादा बारिश
Cyclone Fani के बाद अब ओडिशा में मानसून की झमाझम बारिश हो रही है। पिछले कुछ दिनों में ओडिशा के तटीय इलाकों में बहुत अच्छी बारिश हुई है। इस सप्ताह बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र का ओडिशा में असर देखने को मिलेगा। पिछले 24 घंटे में ओडिशा में काफी अच्छी बारिश देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 36 से 48 घंटे में यहां बारिश और तेज होगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि ओडिशा में इस सप्ताह (7 जुलाई तक) सीजन की सबसे ज्यादा बारिश होगी। इसकी वजह से ओडिशा के कई इलाकों में लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ सकता है।

मध्य प्रदेश में पूरे सप्ताह लगातार बारिश
मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों, विशेषकर पश्चिमी जिलों भोपाल, इंदौर, गुना व आसपास के इलाकों में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश हुई है। एक व दो जुलाई को मध्य प्रदेश के दक्षिणी इलाके में बारिश होने का अनुमान है। 3 और 4 जुलाई को पश्चिमी मध्य प्रदेश समेत अन्य हिस्सों में बारिश और तेज होगी। मौसम विभाग के अनुसार सात जुलाई तक (पूरे सप्ताह) मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बारिश लगातार जारी रहेगी। इस दौरान कई जगहों पर भारी बारिश का भी अनुमान है।

महाराष्ट्र में भारी बारिश व हाई टाइड की चेतावनी
महाराष्ट्र में मानसून की दस्तक ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन जगह-जगह हुआ जलभराव लोगों के लिए आफत बन चुका है। महाराष्ट्र में बारिश की वजह से अब तक लगभग 25 लोगों की अलग-अलग जगहों पर मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र में सोमवार को भी तेज बारिश होती रही। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी मुंबई समेत महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्सों में तेज बारिश होना लगभग तय है। मौसम विभाग ने दो जुलाई को तटीय इलाकों में भारी बारिश के साथ हाई टाइड की चेतावनी जारी की है। मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी गई है। महाराष्ट्र में भारी बारिश की वजह से 13 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जबकि दो का रूट बदला है। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से हादसे का खतरा बढ़ गया है। खराब मौसम की वजह से मुंबई एयरपोर्ट से उड़ानें भी प्रभावित हो रही हैं।

झारखंड में चार दिन तक जोरदार बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने झारखंड में भी अगले चार दिनों तक जोरदार बारिश जारी रहने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान राजधानी रांची व आसपास के इलाके में मध्यम से मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 30 जून से 3 जुलाई तक राज्य में मानसून सक्रिय रहेगा।

3 से 7 जुलाई तक दिल्ली-एनसीआर पहुंचेगा मानसून
मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। पहले मानसून के 7 जुलाई तक एनसीआर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही थी। अब बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र सघन होने से मानसून की रफ्तार बढ़ने का अनुमान है। लिहाजा मौसम वैज्ञानिकों को उम्मदी है कि 3 जुलाई तक मानसून दिल्ली-एनसीआर में दस्तक दे सकता है। हालांकि इसे पूरे दिल्ली-एनसीआर व आसपास के इलाकों तक फैलने में सात जुलाई तक का समय लग सकता है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से मानसूनी हवाएं उत्तर प्रदेश होते हुए दिल्ली की तरफ आएंगी। इसलिए दो जुलाई के बाद दिल्ली आसपास बारिश होने की उम्मीद है। दिल्ली में आमतौर पर मानसून के दौरान मूसलाधार बारिश 15 के बाद होती है। ऐसे में 20 जुलाई के बाद दिल्ली में झमाझम बारिश के आसार बन रहे हैं।

अगले पांच दिन यहां होगी बारिश
एक जुलाईः ओडिशा, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश होने का अनुमान है। कोंकण, गोवा और तेलंगाना के भी कुछ इलाकों में भारी से लेकर बहुत ज्यादा बारिश का अनुमान है। केरल, माहे, कर्नाटक व आंध्र प्रदेश के तटीय एरिया, गुजरात रीजन, पूर्वी राजस्थान और झारखंड में भारी बारिश का अनुमान है। बिहार में गरच-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में गर्म हवाओं के थपेड़े झेलने पड़ेंगे। समुद्र तटीय इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने से हाईटाइड का सामना करना पड़ सकता है। मझुआरों को मध्य-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर, उत्तरी, दक्षिणी व मध्य बंगाल की खाड़ी के इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

दो जुलाईः तेलंगाना, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का अनुमान है। कोंकण, गोवा, केरल, माहे, कर्नाटक के तटीय इलाकों, मध्य प्रदेश और मराठवाड़ा में भी बहुत ज्यादा बारिश होने का अनुमान। कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों व तटीय हिस्सों, पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में भी ज्यादा बारिश होने का अनुमान है। समुद्र तटीय इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने से हाईटाइड का सामना करना पड़ सकता है। मझुआरों को मध्य-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर, उत्तरी, दक्षिणी व मध्य बंगाल की खाड़ी के इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

03 जुलाईः पूर्वी मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बहुत ज्यादा बारिश होने का अनुमान है। केरल, माहे, कर्नाटक के तटीय इलाकों, कोंकण, गोवा, मध्य प्रदेश, विदर्भ में भी ज्यादा बारिश होने का अनुमान है। तेलंगाना, मराठवाड़ा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में भी भारी बारिश का अनुमान। समुद्र तटीय इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने से हाईटाइड का सामना करना पड़ सकता है। मझुआरों को मध्य-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर के इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

04 जुलाईः पश्चिमी मध्य प्रदेश, कोंकण, गोवा और पूर्वी राजस्थान में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। केरल, माहे, कर्नाटक के तटीय इलाकों, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल के उप हिमालयी क्षेत्र व सिक्किम में भी बहुत ज्यादा बारिश का अनुमान है। समुद्र तटीय इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने से हाईटाइड का सामना करना पड़ सकता है। मझुआरों को मध्य-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर के इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

05 जुलाईः पश्चिमी मध्य प्रदेश, कोंकण, गोवा और पूर्वी राजस्थान में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान। केरल, माहे, कर्नाटक के तटीय इलाकों, उत्तराखंड, असम व मेघालय में बहुत ज्यादा बारिश होने का अनुमान है। समुद्र तटीय इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने से हाईटाइड का सामना करना पड़ सकता है। मझुआरों को मध्य-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर के इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

Posted By: Amit Singh