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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'अमेरिकी आयोग खुद चिंता का विषय', RAW को बैन करने की सिफारिश पर भारत की दो टूक

Published: Wed, 26 Mar 2025 05:18 PM (IST)Updated: Wed, 26 Mar 2025 05:55 PM (IST)

अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने भारत की खुफिया एजेंसी RAW पर प्रतिबंध लगाने और भारत को विशेष चिंता ...और पढ़ें

USCIRF की रिपोर्ट पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया, RAW पर लगाए आरोपों को किया खारिज।
USCIRF की रिपोर्ट पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया, RAW पर लगाए आरोपों को किया खारिज।

HighLights

  1. USCIRF ने भारत को "विशेष चिंता वाला देश" घोषित करने की सिफारिश की।
  2. भारत सरकार ने रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताया।
  3. विदेश मंत्रालय ने USCIRF के एजेंडे पर सवाल उठाए।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने भारत की जासूसी एजेंसी रॉ (Research & Analysis Wing) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है।

आयोग ने एक रिपोर्ट पेश की है जिसमें कहा है कि भारत में अल्पसंख्यकों के साथ बुरा व्यवहार होता है। इसके साथ ही भारत को विशेष चिंता वाला देश घोषित करने की भी सिफारिश की है।

भारत ने रिपोर्ट को किया खारिज

भारत ने इस रिपोर्ट के सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने हाल ही में जारी की गई अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट देखी है, जिसमें एक बार फिर पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित आकलन जारी करने का अपना तरीका जारी रखा गया है।" 

"USCIRF द्वारा अलग-अलग घटनाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करने और भारत के जीवंत बहुसांस्कृतिक समाज पर संदेह जताने के लगातार प्रयास धार्मिक स्वतंत्रता के लिए वास्तविक चिंता के बजाय एक जानबूझकर किए गए एजेंडे को दर्शाते हैं." रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय

रणधीर जायसवाल ने कहा, लोकतंत्र और सहिष्णुता के प्रतीक के रूप में भारत की स्थिति को कमज़ोर करने के ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे। वास्तव में, यह USCIRF है जिसे चिंता का विषय माना जाना चाहिए।"

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