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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

US Shooting: अमेरिका में क्यों होती है गोलीबारी की इतनी वारदात, ये है सबसे बड़ा कारण

By Mahen KhannaEdited By: Mahen Khanna
Published: Sun, 30 Apr 2023 05:52 PM (IST)Updated: Sun, 30 Apr 2023 06:07 PM (IST)

US Shooting reason अमेरिका में हर रोज गोलीबारी की घटनाएं बढ़ती जा रही है। आखिर अमेरिका में इतनी गोलीबारी की ...और पढ़ें

US Shooting reason अमेरिका में बढ़ती गोलीबारी।
US Shooting reason अमेरिका में बढ़ती गोलीबारी।

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। US Shooting Reason अमेरिका में हर दूसरे दिन गोलीबारी की घटना देखने को मिलती है। आज भी टेक्सास के क्लीवलैंड में गोलीबारी के कारण 5 लोगों की मौत हो गई। बीते पांच दिनों में ही अमेरिका में इस कारण 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर अमेरिका में इतनी गोलीबारी की घटना क्यों होती है और इस पर लगाम क्यों नहीं लग पा रहा। आइए जानें, इसके पीछे की मुख्य वजह।

गोलीबारी का यह है मुख्य कारण

अमेरिका में गोलीबारी का मुख्य कारण हर दूसरे घर में बंदूक होना माना जाता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में प्रति 100 व्यक्ति में से 88 के पास बंदूक है। हाल ही में अमेरिका में बंदूक रखने वालों में संख्या में और इजाफा देखने को मिला है। एक रिपोर्ट के अनुसार यूएस में जनवरी 2019 से अप्रैल 2021 के बीच 75 लाख से ज्यादा लोगों ने पहली बार बंदूक खरीदी।

गोलीबारी से अमेरिका में कितनी मौतें हईं?

अमेरिका में 2017 तक की रिपोर्ट के अनुसार, 15 लाख से ज्यादा लोगों की गोलीबारी में मौत हुई है। ये संख्या अमेरिका की वर्ष 1775 की आजादी की जंग में मरे लोगों की संख्या के बाद सबसे ज्यादा है। अकेले वर्ष 2020 में 45000 से ज्यादा लोगों की जान इससे गई है।

बंदूकों पर लगाम क्यों नहीं लगती

सभी के दिमाग में यह सवाल आता है कि आखिर अमेरिका में बंदूक रखने पर लगाम क्यों नहीं लगती है। इसका मुख्य कारण इसको लेकर होने वाली राजनीति है। माना जाता है कि बंदूकों के समर्थन में यूएस में बहुत बड़ी लॉबी काम करती है। बड़ी संख्या में आम लोग भी बंदूक रखने को अपना अधिकार मानते हैं और इसका समर्थन करते हैं।

चुनावों में बड़ा मुद्दा होने के चलते इसपर रोक लगाने का कदम कोई भी सरकार नहीं उठाना चाहती है। वहीं, अमेरिका  में नेशनल राइफ़ल एसोसिएशन (एनआरए) भी बंदूक रखने का समर्थन करने वाली बड़ी लॉबी मानी जाती है। इस एसोसिएशन के पास इतना पैसा है कि वो अकेले दम पर अमेरिकी चुनाव को प्रभावित कर सकती है।

हिंसक वीडियो गेम पर भी सवाल

अमेरिका के कई लोगों का कहना है कि देश में गोलीबारी होने का एक कारण हिंसा वाले वीडियो गेम है। इसको लेकर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक बार बयान दिया था कि अमेरिका में गोलीबारी पर रोक लगानी है तो इसका महिमामंडन करने वाली वीडियो गेम को बैन करना होगा।

बता दें कि अमेरिका में गोलीबारी के कई दोषियों ने भी माना है कि वे हिंसक वीडियो गेम के आदी थे और 15 घंटों तक इसे खेला करते थे। वर्ष 2012 में अमेरिका के एक स्कूल में हमला कर 26 बच्चों और कर्मचारियों को मारने वाले अदम लांजा ने भी वीडियो गेम खेलने के आदी होने की बात स्वीकारी थी। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि गोलीबारी के पीछे की वजह ये कभी नहीं हो सकती।