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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rate Cut In US: शेयर मार्केट, रुपये से लेकर गोल्ड तक, यूएस Fed की ब्याज दरों में कटौती का भारत पर पड़ेगा जबरदस्त असर

Published: Thu, 19 Sep 2024 10:14 AM (IST)Updated: Thu, 19 Sep 2024 10:34 AM (IST)

US federal reserve policy rate cut अमेरिकी के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) ने ब्याज दर में कटौती ...और पढ़ें

Rate Cut In US: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती का भारत पर असर पड़ सकता है।(फोटो सोर्स: जागरण)
Rate Cut In US: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती का भारत पर असर पड़ सकता है।(फोटो सोर्स: जागरण)

HighLights

  1. देश के बैकिंग, फाइनेंस, आईटी पर पड़ सकता है फैसले का असर
  2. भारतीय निवेशकों को मिल सकत है फायदा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के केंद्रीय फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर में कटौती (US federal reserve policy rate cut) करने का फैसला कर लिया है। फेड रिजर्व ने घोषणा की कि ब्याज दर में 0.50 फीसदी की कटौती की गई।

ब्याज दर में कटौती का असर न सिर्फ अमेरिका बल्कि भारत के शयर बाजार पर भी पड़ा है। वहीं, स्टॉक के अलावा, गोल्ड की कीमतों में भी तेजी आ सकती है।

शेयर मार्केट में आ सकता है उछाल

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के इस फैसले से बैंकिंग, फाइनेंस, आईटी, एफएमसीजी और फार्मा जैसे सेकटर्स के शेयरों को भी मजबूती मिल सकती है।

रुपये की बढ़ सकती है ताकत

ब्याज दर घटने से ट्रेजरी सिक्युरिटीज की यील्ड (रिटर्न) कम हो जाएगी, जिससे निवेशक बेहतर ऑप्शन के लिए भारतीय बाजार की ओर रुख करेंगे। निवेशक अगर भारत में निवेश करते हैं तो देश में विदेशी पूंजी का फ्लो बढ़ेगा, जिससे भारतीय शेयर बाजार में तेजी आएगी।

शेयर बाजार में तेजी आने का मतलब है कि भारतीय निवेशकों को फायदा मिलेगा। विदेशी निवेशक, देश में निवेश करने के लिए अपनी करेंसी को रुपये में कन्वर्ट करेंगे। इससे रुपये की वैल्यू बढ़ेगी और डॉलर के मुकाबले मजबूत हो सकता है। बता दें कि आज (मंगलवार) डॉलर के मुकाबले रुपया 6 पैसे चढ़कर खुला है।

आरबीआई पर रहेगी निगाहें

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा लिए इस फैसले के बाद अब देशवासियों का नजर आरबीआई (RBI) पर है। भारतीय मौद्रिक नीति अमेरिकी दरों से हमेशा प्रभावित रही है।

हालांकि, कुछ दिनों पहले आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास ने कहा था कि जरूरी नहीं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा लिए फैसले के बाद आरबीआई भी अपने ब्याज दर में बदलाव करे।

अब निवेशकों की नजर अक्टूबर में होने वाली आरबीआई एमपीसी बैठक पर बनी हुई है। निवेशकों को उम्मीद है कि इस बार रेपो रेट में बदलाव हो सकता है। एमपीसी की बैठक 7 अक्टूबर से 9 अक्टूबर को होगी।

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