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MP में नसबंदी के दौरान दो महिलाओं की मौत, मचा हड़कंप 

Published: Sun, 09 Nov 2025 04:33 PM (IST)

मध्य प्रदेश के दुर्ग जिला अस्पताल में नसबंदी के दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई, जिससे स्वास्थ्य विभाग में ...और पढ़ें

मध्य प्रदेश में महिलाओं की मौत से मचा हड़कंप।

मध्य प्रदेश में महिलाओं की मौत से मचा हड़कंप।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के दुर्ग जिला अस्पताल में शनिवार को नसबंदी के दौरान दो महिलाओं की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा सर्जरी के दौरान दी गई किसी दवा के रिएक्शन से हुआ। फिलहाल दवा के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, पूजा यादव (27), निवासी बजरंग नगर दुर्ग, नसबंदी ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी। ऑपरेशन के दौरान उसे अचानक झटके आने लगे और शरीर में अकड़न महसूस हुई। हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।

दूसरी महिला की भी इसी तरह से हुई मौत

वहीं सिकोला भाटा निवासी किरण यादव (30) ने उसी दिन सुबह सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद जब उसकी नसबंदी की जा रही थी, तभी उसे भी झटके आने लगे और शाम तक उसने भी दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि किरण पूरी तरह स्वस्थ थी और अचानक उसकी तबीयत बिगड़ना सभी के लिए सदमे जैसा था। पूजा यादव के दो छोटे बच्चे हैं, जबकि किरण यादव का नवजात शिशु है।

दवाओं के रिएक्शन को माना जा रहा कारण

सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज के अनुसार, पूजा यादव को नसबंदी के दौरान बुपीवाकेन 3 एमएल, मिडान 1 एमजी, और 2 आरएल (रिंगर लैक्टेट) दिया गया था। वहीं किरण यादव को बुपीवाकेन 2.2 एमएल, ऑक्सीटोसीन 10 आईयू, 2 आरएल और 1 डीएनएस दिया गया था। आंशका कि इन दवाओं में से किसी एक के रिएक्शन से दोनों की तबीयत बिगड़ी।

शनिवार को मदर-चाइल्ड यूनिट में कुल नौ सर्जरी की गई। इनमें पूजा की केवल नसबंदी थी, जबकि किरण की सिजेरियन के साथ नसबंदी की गई। बाकी सात महिलाओं की सर्जरी सामान्य रही। ऑपरेशन टीम में डॉ. उज्जवला देवांगन, डॉ. विनीता ध्रुवे, डॉ. रिंपल (स्त्री रोग विशेषज्ञ) और डॉ. पूजा वर्मा (एनेस्थेटिस्ट) शामिल थी।

दवा के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया

सिविल सर्जन डॉ. मिंज ने बताया कि सर्जरी के दौरान दोनों महिलाओं को झटके और अकड़न की शिकायत हुई थी। उन्हें तत्काल आईसीयू में भर्ती कर उपचार दिया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद उपयोग की गई दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

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