TMC के सांसद शीतकालीन सत्र के दौरान संसद में जय हिंद और वंदे मातरम के नारों को करेंगे बुलंद
बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के सांसद संसद के शीतकालीन सत्र में 'जय हिंद' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाएंगे। राज्यसभा सचिवालय के एक निर्देश के बाद यह फैसला लिया गया। केंद्र सरकार 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा कराने की तैयारी में है, जबकि तृणमूल ने कहा है कि वह किसी भी निर्देश का पालन नहीं करेगी। भाजपा ने तृणमूल पर राजनीतिक नौटंकी का आरोप लगाया है।

तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी। (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के सांसद सोमवार से शुरू होने जा रहे संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान जय हिंद और वंदे मातरम के नारों को बुलंद करेंगे। राज्यसभा में तृणमूल के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने यह घोषणा की है।
पार्टी ने यह फैसला शीतकालीन से पहले राज्यसभा सचिवालय की ओर से 24 नवंबर को जारी एक हालिया बुलेटिन में सांसदों को शिष्टाचार व परंपरा का हवाला देते हुए संसद के अंदर जय हिंद और वंदे मातरम जैसे नारे का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह देने के बाद लिया है।
क्या है सरकार की तैयारी?
हालांकि खबर है कि विवाद बढ़ने पर राज्यसभा सचिवालय की ओर से बाद में यह निर्देश वापस ले लिया गया था। केंद्र सरकार राष्ट्र गीत वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर इस संसद सत्र में दोनों सदनों- लोकसभा व राज्यसभा में पूरे एक दिन चर्चा कराने की तैयारी में भी है।
वहीं, तृणमूल ने स्पष्ट कहा है कि पार्टी राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक इन नारों पर केंद्र के किसी भी निर्देश को नहीं मानेगी। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ने कहा कि केंद्र की यह अधिसूचना बंगाल और राष्ट्रगीत पर सीधा हमला है। यह बंगाल की पहचान को नष्ट करने की साजिश है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
'तृणमूल की राजनीतिक नौटंकी'
वहीं, भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने निशाना साधते हुए कहा कि राज्यसभा सचिवालय द्वारा हाल में जारी सलाह को लेकर कांग्रेस और तृणमूल जिस तरह आपत्ति जता रही है, वो पूरी तरह राजनीतिक नौटंकी है, जबकि ये नियम दशकों से लागू है और किसी सरकार द्वारा नहीं, बल्कि संसद के पीठासीन अधिकारी ने बनाया था।
तृणमूल संसद सत्र से पहले आईएनडीआईए गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होगी
सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से पहले कांग्रेस द्वारा बुलाई गई विपक्षी आईएनडीआईए गठबंधन की बैठक में तृणमूल कांग्रेस हिस्सा नहीं लेगी। पार्टी सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने परंपरा के अनुसार आईएनडीआईए गठबंधन की बैठक बुलाई है।
इसके लिए तृणमूल सहित गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों को निमंत्रण पत्र भी भेजा गया था। लेकिन तृणमूल ने इस बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। संसद सत्र शुरू होने से पहले सत्तारूढ़ दल के खिलाफ रणनीति तैयार करने के लिए विपक्षी गठबंधन द्वारा हर बार यह बैठक बुलाई जाती है।

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