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    आखिरकार ममता सरकार ने स्वीकारा नया वक्फ कानून, राज्य की वक्फ संपत्तियों को सेंट्रल पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 07:00 AM (IST)

    केंद्र सरकार की ओर से लाए गए वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 का कई महीनों तक विरोध करने के बाद बंगाल की ममता सरकार ने यू टर्न लेते हुए आखिरकार इसे स्वीकार कर लिया है। ममता ने राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारियों को करीब 82 हजार वक्फ संपत्तियों का विवरण निर्धारित समय सीमा छह दिसंबर 2025 तक केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

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    आखिरकार ममता सरकार ने स्वीकारा नया वक्फ कानून (फोटो- पीटीआई)

    राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। केंद्र सरकार की ओर से लाए गए वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 का कई महीनों तक विरोध करने के बाद बंगाल की ममता सरकार ने यू टर्न लेते हुए आखिरकार इसे स्वीकार कर लिया है।

    राज्य की 82 हजार वक्फ संपत्तियों को सेंट्रल पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश

    ममता ने राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारियों को करीब 82 हजार वक्फ संपत्तियों का विवरण निर्धारित समय सीमा छह दिसंबर 2025 तक केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

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    बता दें कि इससे पहले ममता बनर्जी ने कहा था कि वह नए वक्फ संशोधन अधिनियम को राज्य में लागू नहीं होने देंगी। वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 अप्रैल में संसद से पारित हुआ था।

     वक्फ संपत्तियों का डाटा पोर्टल पर अपलोड होना शुरू

    पश्चिम बंगाल अल्पसंख्यक मामला और मदरसा शिक्षा विभाग ने सभी जिला अधिकारियों (डीएम) को निर्देश दिया है कि वे वक्फ संपत्तियों का ब्योरा केंद्र सरकार के 'यूएमआइडी' यानी उम्मीद पोर्टल पर अपलोड करना शुरू करें।

    एक अधिकारी ने कहा कि केंद्र ने देश के सभी राज्यों से छह दिसंबर तक सभी बिना विवाद वाली वक्फ संपत्तियों की जानकारी अपलोड करने को कहा है, जिससे राज्य प्रशासन को तुरंत डाटा-एंट्री प्रोसेस शुरू करने के लिए कहा गया है।

    जिला अधिकारियों को भेजे गए संदेश में चार मुख्य निर्देश दिए गए हैं। उन्हें अपलोडिंग प्रोसेस समझाने के लिए इमाम, मुअज्जिन और मदरसा शिक्षकों के साथ बैठक करने के लिए कहा गया है।

    वक्फ एक्ट, 1995 के कई नियमों में बदलाव

    केंद्र सरकार ने साल की शुरुआत में वक्फ एक्ट, 1995 के कई नियमों में बदलाव किए थे। इनमें से कुछ बदलाव अभी भी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं लेकिन राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र के प्रस्तावित बदलावों को लागू करने पर कोई रोक नहीं है। इसका मतलब है कि राज्य दिए गए समय के अंदर निर्देश का पालन करने के लिए मजबूर है।

    बंगाल में 8,063 वक्फ एस्टेट

    उन्होंने बताया कि बदले हुए नियमों के तहत बंगाल में 8,063 वक्फ एस्टेट के मुतवल्लियों को छह दिसंबर तक उम्मीद पोर्टल पर अपनी पूरी संपत्ति की जानकारी रजिस्टर करनी होगी। हालांकि, कई जिलों के मुतवल्लियों ने बदलावों की घोषणा के बाद से राज्य वक्फ बोर्ड से सहयोग न मिलने की शिकायत की है।

    राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रशासन के पास प्रक्रिया को तेजी से शुरू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने बदले हुए नियमों को लागू करने पर रोक नहीं लगाई है। डेडलाइन पास आने पर, अधिकारी ने बताया कि राज्य मशीनरी को इस काम को प्राथमिकता के आधार पर करने के लिए कहा गया है।

    हम अब भी इस कानून के खिलाफ हैं

    कोलकाता के मेयर और राज्य के मंत्री फिरहाद हकीम का कहना है कि हम अब भी इस कानून के खिलाफ हैं। लेकिन पोर्टल पर संपत्ति दर्ज करने में क्या दिक्कत है? यह अच्छी बात है कि जमीन सरकारी है।

    पारदर्शिता हमेशा अच्छी होती है। ममता सरकार के मंत्रियों में से एक और जमीयत-ए-उलेमा-ए-हिंद के बंगाल अध्यक्ष सिद्दीकुल्ला चौधरी ने सवाल उठाया है कि इतने कम समय में वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण कैसे संभव है। कहा है कि मैं मुख्यमंत्री से मांग करूंगा कि वह प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह जानकारी जमा करने की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध करें।