नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क: आज पूरा देश राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी यानी महात्मा गांधी की 153वीं जयंती मना रहा है। उनका जन्म 2 अक्टूबर, 1869 को पोरबंदर, गुजरात में हुआ था। महात्मा गांधी की जयंती प्रतिवर्ष 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाई जाती है। महात्मा गांधी ने भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ कई राष्ट्रीय नेताओं के साथ स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया। उन्होंने अहिंसा के मार्ग पर दुनिया भर में कई नागरिक अधिकार आंदोलनों को प्रेरित किया। देश की आजादी में उनके योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। आज के दिन को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने देश के लोगों को दी बधाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर देश के लोगों को बधाई दी। देश के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा यह सभी के लिए शांति, समानता और सांप्रदायिक सद्भाव के मूल्यों के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का अवसर है। राष्ट्रपति ने कहा कि इस साल गांधी जयंती मनाने का एक विशेष महत्व है। पूरा देश आजादी के 75 साल पूरे होने पर अमृत महोत्सव मना रहा है। यह समय हम सभी के लिए गांधी जी के सपनों के भारत को साकार करने की दिशा में काम करने का है।

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राष्ट्रपति ने आत्मनिर्भरता भारत पर दिया जोर

देश के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने आगे कहा कि एक सदी पहले गांधीजी ने स्वदेशी को अपने आह्वान और आत्मनिर्भरता पर जोर देकर लाखों लोगों को प्रेरित किया था। आज आत्मानिर्भर भारत का निर्माण चल रहा है, यह सब महात्मा गांधी की दृष्टि से प्रेरित है और यह उन्हें एक सच्ची श्रद्धांजलि है। उनके सपनों का भारत एक स्वच्छ भारत, एक स्वस्थ भारत है।

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Edited By: Amit Singh

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