यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Tirupati Laddu Controversy: घी सप्लाई करने वाली कंपनी के 4 सैंपल हुए थे फेल, अब लाइसेंस रद करने की तैयारी!
तिरुपति लड्डू मामले पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ...और पढ़ें

HighLights
- FSSAI ने कंपनी को भेजा कारण बताओ नोटिस
- लाइसेंस रद के साथ ही जुर्माना भी लगा सकता है
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। तिरुपति के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में जानवर की चर्बी मिला घी सप्लाई करने वाली कंपनी एआर डेयरी का लाइसेंस रद्द हो सकता है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथोरिटी आफ इंडिया (एफएसएसएआइ) ने कंपनी को मिलावट की शिकायत पर लाइसेंस रद्द करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
सैंपल की टेस्ट रिपोर्ट
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा भेजे गए सैंपल की टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर एफएसएसएआइ ने नोटिस जारी किया है। ध्यान देने की बात है कि किसी भी तरह का खाद्य पदार्थ को बाजार में बेचने के लिए एफएसएसएआइ का लाइसेंस अनिवार्य है ताकि उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि टीटीडी द्वारा भेजे गए रिपोर्ट के अनुसार मंदिर में लड्डू बनाने के लिए चार कंपनियों द्वारा घी सप्लाई किया जाता था। इनमें से सिर्फ एक कंपनी एआर डेयरी के नमूने फेल हुए।
लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन
टीटीडी के अनुसार, कंपनी के चार नमूने लिए गए थे और चारों में फेल हो गए। इन नमूनों में जानवरों की चर्बी की मिलावट के प्रमाण पाए गए। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एफएसएसएआइ के नियम के मुताबिक घी सिर्फ दूध से ही बना होना चाहिए और उसमें किसी भी तरह की चर्बी की मिलावट लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन है।
सैंपल की जांच रिपोर्ट
तिरूपति लड्डू विवाद के सामने आने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बात की थी। बातचीत में नड्डा ने नायडू के घी के सैंपल की जांच रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजने को कहा था और साथ ही एफएसएसएआइ से उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया था।
