भोपाल,एजेंसी। मध्य प्रदेश में ऐसा मामले सामने आया है जिसने प्रशासन व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया है। दरअसल, यहां एक महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए कचरा उठाने वाली गाड़ी में लाया गया। पठार मोहल्ला निवसी महिला ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जब पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाने के लिए परिजन पहले महिला का शव ट्रैक्टर ट्रॉली में शव  लेकर आने लगे, रास्ते में ही ट्रॉली का पहिया निकल गया। ऐसे में जब दूसरा वाहन नहीं मिला तो नगर पालिका के कचरा वाहन में शव को अस्पताल लाया गया। 

घटना की जानकारी राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ को जैसे ही मिली उन्होंने ट्वीट कर लापरवाही बरतने पर नगरपालिका के वाहन प्रभारी विकास शर्मा और रमेश साहू को बर्खास्त करने का आदेश दिया। साथ ही उन्होंने ऐसी घटनाएं व चित्र, दिल को झकझोर देते है ,बर्दाश्त नहीं किये जा सकते है।

22 वर्षीय मृतक महिला का नाम पूजा है। तीन साल पहले नरेंद्र ओझा नाम के युवक के साथ विवाह हुआ था। महिला तीन माह की गर्भवती थी। महिला के पति ने कहा कि वह उसकी जांच कराने के लिए अपनी बहन के साथ डॉक्टर के पास गया था। जांच के दौरान डाक्टर ने बताया कि बच्चा मृत है। इसके बाद पत्नी ने कहा कि वह गुना में जाकर नए डॉक्टर से जांच कराएंगे। इसके बाद हम घर चले गए। नरेंद्र अपनी परिवार के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चला गया। पत्नी पूजा सोने के लिए चली गई। रात करीब 3.30 बजे जब उसकी नींद खुली तो पूजा साड़ी के फंदे पर लटकी हुई थी।

इसकी जानकारी उसने अपनी परिजनों को दी। मृत पूजा के मामा ने बताया कि पंचनामा होने के बाद जब महिला का शव जिला अस्पताल ले जाया जाना था तब वाहन सुविधा नहीं मिली। तो हम ट्रैक्टर ट्रॉली में शव को रखकर जिला अस्पताल ले जा ही रहे थे कि जब ट्राली ब्रिज से गुजर रही थी, तभी उसका एक पहिया निकल गया।  इस वजह से नगर निगम की कचरा ले जाने वाली ट्राली में शव को ले जाना पड़ा। 

Posted By: Ayushi Tyagi

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