यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी, सरकार के एजेंडे में आठ नए विधेयक
संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई को शुरू होने वाला है। इस सत्र में एक बार फिर सत्तारूढ़ भारतीय जनता ...और पढ़ें

HighLights
- दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज यशवंत वर्मा से जुड़े विवाद पर भी बहस होने की संभावना
- बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची अपडेट को लेकर होगी चर्चा
- सरकार नए आयकर विधेयक को भी पारित कराने पर विचार करेगी
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई को शुरू होने वाला है। इस सत्र में एक बार फिर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन सहित विपक्ष के बीच तूफानी टकराव होने की संभावना है। वहीं सूत्रों के मुताबिक, 21 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र के एजेंडे में आठ नए विधेयक और मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने का एक प्रस्ताव शामिल है।
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर होगी चर्चा
इस संसद सत्र में 21 अगस्त तक कुल 21 बैठकें होंगी, जिसमें 12 से 18 अगस्त तक का अवकाश भी शामिल है। इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग द्वारा की जाने वाली 'विशेष गहन समीक्षा' भी संभावित विवादों में से एक होगी। बिहार में विपक्ष यानी कांग्रेस और आरजेडी चुनाव से महीनों पहले मतदाता सूची में संशोधन के फैसले का विरोध कर रहे हैं।
पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा से जुड़े विवाद पर होगी बहस
दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा से जुड़े विवाद पर भी बहस होने की संभावना है, जिन पर इस सत्र में महाभियोग चलाया जा सकता है। मार्च में दिल्ली स्थित उनके बंगले में लगी आग बुझाने के दौरान दमकलकर्मियों द्वारा नकदी के बंडल बरामद किए जाने के बाद, न्यायाधीश ने अपनी ओर से किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया था और जब्त की गई नकदी को एक 'साजिश' बताया था।
ऑपरेशन सिंदूर पर भी चर्चा होने की उम्मीद
संसद में पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद भारत द्वारा किए गए सैन्य अभियान - ऑपरेशन सिंदूर पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
सरकार नए आयकर विधेयक को भी पारित कराने पर विचार करेगी
इसके अलावा, सरकार नए आयकर विधेयक को भी पारित कराने पर विचार करेगी; इसे पिछले सत्र में पेश किया गया था और फिर आगे की जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया गया था।
यदि यह इसी सत्र में पारित हो जाता है जल्द बन जाएगा कानून
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फरवरी में संसद को बताया था कि नया विधेयक 1961 के आयकर अधिनियम की जटिल शब्दावली को कम करेगा और आम आदमी के लिए इसे समझना आसान बनाएगा। यदि यह इसी सत्र में पारित हो जाता है, तो यह कानून 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा।
