यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तहव्वुर राणा को ला रही फ्लाइट ने US से भरी उड़ान, किस जेल में बंद रहेगा 26/11 हमले का मास्टरमाइंड?
मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा अगले कुछ घंटों में भारत की जमीन पर होगा। अमेरिका के स्पेशल विमान ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा अगले कुछ घंटों में भारत की जमीन पर होगा। अमेरिका के स्पेशल विमान से राणा भारत आ रहा है। भारतीय समयानुसार, आज शाम 7:10 बजे इस विमान ने अमेरिका से उड़ान भरी है।
भारत कई वर्षों से तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा था। दिसंबर 2019 में भारत ने राणा के प्रत्यर्पण का अनुरोध करते हुए अमेरिका को एक राजनयिक नोट पेश किया, जिसके बाद 10 जून, 2020 को एक औपचारिक शिकायत की गई, जिसमें प्रत्यर्पण प्रक्रिया को सही बनाने के लिए उसकी गिरफ्तारी की मांग की गई। आखिरकार, फरवरी 2025 में भारत को सफलता मिली।
आइये जानते हैं कि कौन है तहव्वुर राणा और मुंबई आतंकी हमले में उसकी क्या भूमिका थी?
- तहव्वुर राणा 64 वर्षीय तहव्वुर राणा का जन्म पाकिस्तान के पंजाब प्रांत साहीवाल जिले में हुआ था। मेडिसिन की पढ़ाई पूरी करके उसने पाकिस्तान की सेना की मेडिकल कार्प्स में काम किया। 1998 में वह सेना की नौकरी छोड़ कर कनाडा चला गया और बाद में उसे वहां की नागरिकता मिल गई। कनाडा में उसने आव्रजन सेवाएं शुरू मुहैया कराने का अपना बिजनेस शुरू किया। इसके बाद वह अमेरिका चला गया और शिकागो में अपना ऑफिस बनाया।
- राणा 2008 में हुई मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता डेविल हेडली का करीबी सहयोगी है। हेडली अमेरिका का नागरिक है। ऐसे आया हेडली के संपर्क में हेडली के पिता पाकिस्तानी और मां अमेरिकी थी। हेडली और राणा बचपन के दोस्त हैं। हेडली के जन्म के कुछ समय बाद उसका परिवार पाकिस्तान चला गया। अटक जिले में हसन अब्दाल सिटी के एक स्कूल में उसने प्रवेश लिया। यहीं पर उसकी राणा से दोस्ती हुई। 26/11 मुंबई आतंकी हमले में भूमिका 26/11 हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमैन हेडली ने राणा के खिलाफ गवाही दी थी।
- अमेरिका में पूछताछ के दौरान, हेडली ने खुलासा किया था कि उसने 2007 और 2008 के बीच पांच बार भारत की यात्रा की थी और मुंबई हमलों के लिए रेकी की थी। राणा ने उसे पांच वर्ष का वीजा दिलवाया था। हेडली ने मुंबई हमलों में आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा की भूमिका का भी खुलासा किया और कहा कि उसने राणा की मदद से अपनी पहचान छिपाने के लिए एक इमिग्रेशन कंपनी खोली थी। हमले की तैयारी के लिए राणा अपनी पत्नी के साथ मुंबई आया और ताज होटल में रुका, जो बाद में हमलों का लक्ष्य बन गया।
- वह उत्तर प्रदेश के हापुड़, दिल्ली, आगरा, कोच्चि, अहमदाबाद भी गया। प्रत्यर्पण के बाद क्या होगा एनआइए के अधिकारियों का कहना है कि जरूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद राणा को एनआइए की हिरासत में रखा जाएगा। एजेंसी उससे 26/11 हमले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ की भूमिका की जांच के लिए और सवाल किए जाएंगे। उम्मीद है कि उससे पूछताछ के बाद नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
- एनआइए के अधिकारी उसे तिहाड़ जेल के उच्च स्तर की सुरक्षा वाले सेल में रखने के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं। राणा से पूछताछ होने पर एजेंसी को यह जानने में भी मदद मिलेगी कि उसने भारत के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से की यात्रा क्यों की थी। मुंबई हमले की जांच के दौरान लश्क ए तैयबा और हरकत- उल- जिहाद- अल- इस्लामी के आतंकियों की भूमिका भी सामने आई थी। इन सभी आतंकियों को आइएसआइ के अधिकारी मेजर इकबाल उर्फ मेजर अली, मेजर समीर अली उर्फ मेजर समीर की मदद मिल रही थी और वे सभी मिल कर आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए काम कर रहे थे।
- एनआइए की विशेष अदालत, पटियाला हाउस इन सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर चुकी है। एनआइए के अनुरोध पर अमेरिका की एजेंसियों ने डेविड हेडली और तहव्वुर राणा को आतंकी हमले के मामले में गिरफ्तार किया था। बाकी भगोड़ों के खिलाफ इंटरपोल और सीबाआइ ने रेड कार्नर नोटिस जारी किया।
