Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    डॉक्टर से शादी, ISI की कठपुतली... लेकिन फिर भी PAK से भागा तहव्वुर राणा; पढ़ें 26/11 हमले के मास्टरमाइंड का कच्चा चिट्ठा

    Updated: Wed, 09 Apr 2025 05:50 PM (IST)

    Tahawwur Rana मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड और देश का सबसे बड़ा दुश्मन आतंकी तहव्वुर राणा आज यानी गुरुवार को भारत लाया गया। एयरपोर्ट पर आते ही NIA की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। भारत से NIA के इंस्पेक्टर जनरल रैंक के अधिकारी आशीष बत्रा की लीडरशिप में एक मल्टी-एजेंसी टीम तहव्वुर राणा को हिरासत में लेने के लिए अमेरिका गई थी।

    Hero Image
    Tahawwur Hussein Rana: मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड की पूरी कहानी।(फोटो सोर्स: जागरण)

     डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 26 नवंबर 2008 की तारीख को बीते करीब 17 साल हो गए। देश की आर्थिक राजधानी में देर रात आतंकियों ने शहर के कई इलाकों में अंधाधुंध फायरिंग की। चाहे बच्चे हो या महिलाएं, गोलियों के निशाने पर जो कोई आया आतंकियों ने उसे मौत के घाट उतार दिया।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    दो पांच सितारा होटलों ओबेरॉय ट्राइडेंट और ताज, छत्रपति शिवाजी रेलवे स्टेशन, नरीमन हाउस यहूदी केंद्र, लियोपोल्ड कैफे और कामा हॉस्पिटल को आतंकियों ने निशाना बनाया। इस कायराना हमले में 160 से ज्यादा लोगों की जान चली गई।

    उसी रात कार को अगवा करके भाग रहे आतंकी अजमल कसाब को सब इंस्पेक्टर तुकाराम ओंबले ने पकड़ लिया। कसाब का साथी आतंकी मारा जा चुका था। हालांकि,  कसाब की गोलियों से सब इंस्पेक्टर तुकाराम ओंबले की मौके पर मौत हो गई थी।

    हमले का मास्टरमाइंड है तहव्वुर राणा

    इस घटना को अंजाम देने वाले आतंकी को तो फांसी मिल गई थी, लेकिन इस आतंकी हमले का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) भारत के शिकंजे से दूर था। आखिरकार 17 साल बाद मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड राणा को अमेरिका से भारत लाया जा रहा है।

    पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक ने किस  तरह इस आतंकी हमले का प्लान बनाया उसे जानने से पहले ये जान लें कि उसकी शुरुआती जिंदगी कैसी रही?

    12 जनवरी, 1961 को पाकिस्तान के चिचावतनी में जन्मे 64 वर्षीय तहव्वुर राणा ने कैडेट कॉलेज हसन अब्दल में पढ़ाई की। यह एक मशहूर सैन्य तैयारी कराने वाला स्कूल रहा है। यहीं, उसकी डेविड कोलमैन हेडली से दोस्ती हुई। इसी के बाद दोनों ने मिलकर मुंबई आतंकी हमले को अंजाम दिया था।

    पत्नी के साथ कनाडा में ली शरण

    मेडिकल डिग्री हासिल करने बाद, राणा पाकिस्तानी सेना की मेडिकल कोर में शामिल हो गया, जहां उसने कैप्टन जनरल ड्यूटी प्रैक्टिशनर के रूप में काम किया। साल 2001 में तहव्वुर राणा और उसकी पत्नी  समराज राणा अख्तर, कनाडा के नागरिक बन गए। कनाडा में जाकर उसने कई अलग-अलग कारोबार किए,

     जिसमें फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विसेज नाम का एक इमिग्रेशन और ट्रैवल एजेंसी भी शामिल था।

    आतंकियों और ISI के हाथों बना कठपुतली

    वहीं, साल 2006 में तहव्वुर राणा ने बचपन के दोस्त डेविड हेडली को मुंबई में इस इमिग्रेशन फर्म की एक ब्रांच खोलने में मदद की। राणा आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी (HUJI) का सदस्य भी बन गया था। दावा किया जा रहा है कि  मुंबई में इस इमिग्रेशन फार्म खोलने के पीछे का लक्ष्य आतंकी हमले को अंजाम देना ही था। इस दावे की पुष्टि हेडली भी कर चुका है।

    आतंकी हमले से पहले मियां-बीवी ने किया था भारत का दौरा

    साल 2008 में 13 नवंबर और 21 नवंबर के बीच तहव्वुर राणा और उसकी पत्नी ने दिल्ली, आगरा, अहमदाबाद और मुंबई सहित कई शहरों का दौरा किया था। वहीं, वो इस दौरान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी  इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंसी (ISI) के संपर्क में भी था। ISI ने आतंकी हमले के लिए तहव्वुर को फंडिंग भी दी थी।

    भारत के शिकंजे में राणा...

    इस आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने साल 2009 में तहव्वुर राणा और हेडली को डेनमार्क में जाइलैंड्स-पोस्टेन अखबार के आफिस पर हमला करने की कथित साजिश के लिए गिरफ्तार किया। जून 2011 में अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में तीन सप्ताह की सुनवाई के बाद, राणा को लश्कर-ए-तैयबा को मदद करने और डेनिश अखबार के खिलाफ विफल साजिश में उसकी भूमिका के लिए दोषी ठहराया।

    वहीं, भारत कई वर्षों से तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा था। दिसंबर 2019 में भारत ने राणा के प्रत्यर्पण का अनुरोध करते हुए अमेरिका को एक राजनयिक नोट पेश किया, जिसके बाद 10 जून, 2020 को एक औपचारिक शिकायत की गई, जिसमें प्रत्यर्पण प्रक्रिया को सही बनाने के लिए उसकी गिरफ्तारी की मांग की गई। आखिरकार, फरवरी 2025 में भारत को सफलता मिली।

    भारत से NIA के इंस्पेक्टर जनरल रैंक के अधिकारी आशीष बत्रा की लीडरशिप में एक मल्टी-एजेंसी टीम तहव्वुर राणा को हिरासत में लेने के लिए अमेरिका गई थी। टीम में सब-इंसपेक्टर जनरल रैंक की अधिकारी जया रॉय और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ-साथ तीन खुफिया एजेंसी के अधिकारी शामिल हैं। रविवार को टीम अमेरिका रवाना हुई थी।

    भारत पहुंचने पर तहव्वुर राणा को हिरासत के लिए नई दिल्ली में एनआईए अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद राणा से पूछताछ की जाएगी। उसे शुरुआती कुछ हफ्तों तक उसके एनआईए की हिरासत में रखा जाएगा।

    इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच मुंबई हमलों की आगे की जांच के लिए उसकी हिरासत की मांग करेगी। दिल्ली और मुंबई की जेल में उसके लिए हाई सिक्योरिटी की व्यवस्था की गई है। राणा की गतिविधियों पर 24/7 निगरानी रखी जाएगी। उम्मीद है कि राणा को इस कायराना  हमले के लिए कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।

    यह भी पढ़ें: कौन है Tahawwur Rana? आज भारत लाया जाएगा देश का सबसे बड़ा दुश्मन! मुंबई व दिल्ली की जेलों में सुरक्षा बढ़ी